तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) व रूस सहित अन्य सहयोगियों के तेल उत्पादन में कटौती जारी रखने के फैसले के बाद भारत रणनीति में बदलाव करेगा। सरकार ने तेल कंपनियों से ओपेक व मध्यपूर्व देशों पर निर्भरता घटाने के लिए कहा है।
अभी मध्यपूर्व देशों से आता है कुल खपत का 60 प्रतिशत तेल
भारत अपनी कुल जरूरत का 84 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें 60 प्रतिशत मध्यपूर्व देशों से आता है। सरकारी कंपनियां तेल खरीद में विविधता लाने के लिए गुयाना से करार पर विचार कर रही हैं। सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल ने रूस के साथ अनुबंधों की समीक्षा की बात कही है।
दरअसल, मध्यपूर्व देशों से आने वाला कच्चा तेल पश्चिमी देशों की तुलना में सस्ता पड़ता है। इराक और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। पिछले सप्ताह सऊदी अरब सहित कई देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने से इनकार कर दिया था।