फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साक्षात्कार : क्रूज पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा भारत

Mon, 02 Jul 2018 10:46 AM IST
रश्मि वर्मा, केंद्रीय पर्यटन सचिव
विज्ञापन
रश्मि वर्मा, केंद्रीय पर्यटन सचिव
विज्ञापन
भारत में क्रूज पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि यहां का 7,500 किलोमीटर लंबा समुद्र तट इसके लिए बिल्कुल मुफीद है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखकर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने इन दिनों केंद्र सरकार के नौवहन मंत्रालय के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स का गठन किया है, ताकि इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय कंसलटेंट की नियुक्ति कर पूरे देश में क्रूज पर्यटन की संभावनाएं तलाश कर उसके अनुरूप नीति तैयार की जा सके। भारत में पर्यटन की संभावनाएं एवं इसके विकास की गतिविधियों पर शरद गुप्ता एवं शिशिर चौरसिया ने पिछले दिनों केंद्रीय पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा से बातचीत की। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश:
विज्ञापन


प्रश्न - भारतीयों में क्रूज पर्यटन के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। यहां 7,500 किलोमीटर लंबा समुद्र तट भी है, लेकिन अभी तक इसका पर्याप्त दोहन नहीं किया जा सका है। इस दिशा में क्या हो रहा है?

उत्तर - मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हम इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। हमने नौवहन मंत्रालय के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो हमें एक रोडमैप देगा कि हम पूरे देश को क्रूज टूरिज्म के नक्शे पर कैसे ला सकते हैं। सिर्फ समुद्र ही क्यों, हमारे यहां गंगा, यमुना, नर्मदा, कावेरी जैसी कई सदानीरा नदियां हैं। वहां भी क्रूज टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। 
विज्ञापन


हालांकि, हमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने से पहले क्रूज पोर्ट विकसित करना होगा। वहां कस्टम, इमिग्रेशन के साथ-साथ विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं भी जुटानी होंगी। इस तरह की शुरुआत मुंबई पोर्ट पर हो गई है। शीघ्र ही कुछ और नए क्रूज पोर्ट विकसित होंगे। यकीन मानिए, इस तरह से काम हो रहा है कि कुछ ही वर्षों में भारत दुनिया भर में क्रूज पर्यटन के हब के रूप में जाना जाएगा। इससे भारत को विदेशी मुद्रा तो मिलेगी ही, साथ ही इस क्षेत्र में काफी लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

प्रश्न - विदेशी पर्यटकों के जरिये इस व्यवसाय में लगे लोगों की आमदनी आसानी से बढ़ाई जा सकती है। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए क्या हो रहा है?

उत्तर - विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अभी हाल में हमारे पर्यटन मंत्री अमेरिका के कुछ शहरों में रोड शो करके आए हैं। हमने पिछले साल इनक्रेडिबल इंडिया-2 को लांच किया। इसके तहत, अब हम दुनिया भर में पर्यटकों को बाजार विशेष की जानकारी दे रहे हैं। पहले इसमें जेनेरिक जानकारी दी जाती थी। अब यदि किसी को योग पसंद है, तो इस पर वे योग के बारे सभी जानकारी ले सकते हैं। यदि किसी को स्पा या नेचुरोपैथी पसंद है, तो उन्हें इस बारे में ढेर सारी जानकारी मिलेगी। 

किसी को यदि जंगलों से लगाव है, तो जंगल एवं वाइल्ड लाइफ के बारे में जानकारियां मिलेंगी। किसी को ऐतिहासिक चीजों में रुचि है, तो वे इस बारे में जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा, हम दुनिया भर के ट्रैवल मार्ट में जाकर यहां की चीजों की जानकारी दे रहे हैं। लोगों को जानकारी देने के लिए योग पर तो हमने विशेष फिल्म बनवाई है। इसी तरह, आयुर्वेद और भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति पर भी फिल्में बनी हैं। हमने एक बार फिर लक्जरी रेलगाड़ियों की नए सिरे से मार्केटिंग शुरू की है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे पहले, रेलवे ने इन रेलगाड़ियों के हॉलिंग चार्जेज में करीब 50 फीसदी की कटौती की है।

प्रश्न - घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में क्या हो रहा है?

उत्तर - घरेलू पर्यटक तो भारतीय पर्यटन उद्योग की जान हैं। आपको याद होगा कि प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से देश के पर्यटन स्थल घूमने का आह्वान किया था। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पिछले साल 18 करोड़ घरेलू पर्यटकों ने विभिन्न पर्यटन स्थलों की सैर की थी। यह एक साल पहले के मुकाबले 12 फीसदी अधिक है। इस साल हमने कम से कम 15 फीसदी की विकास दर हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसी हिसाब से हम काम भी कर रहे हैं। 

हमने सभी पर्यटन स्थलों को स्वच्छता अभियान में शामिल किया है। वहां हमने पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग जन सुविधा केंद्र का इंतजाम किया है। इसके साथ ही, पर्यटन स्थलों पर प्रशिक्षित गाइड की व्यवस्था की जा रही है। वहां पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन पुलिस की तैनाती की गई है। पर्यटन स्थलों की बेहतर कनेक्टिविटी हो सके, इसके लिए वहां से जुड़ी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जा रहा है। वहां रेल संपर्क उपलब्ध कराने के लिए भी रेल मंत्रालय कटिबद्ध है।

प्रश्न- अपने पर्यटन स्थलों पर प्रशिक्षित गाइड की कमी खलती है। जो कुछ गाइड हैं, वे मनगढ़ंत कहानियां सुनाकर पयर्टकों को ठगते हैं। इस दिशा में क्या हो रहा है?

उत्तर - इसके लिए हम शीघ्र ही एक योजना शुरू कर रहे हैं, जिसमें पर्यटन या पुरातत्व विभाग से सेवानिवृत्त हो रहे लोगों को इससे जोडे़ंगे। इसके अलावा, जिन्हें इस क्षेत्र में रुचि है, उनसे ऑनलाइन आवेदन मंगवाए जाएंगे। इनकी ऑनलाइन परीक्षा ली जाएगी और जो पास होंगे उन्हें भारत सरकार के पर्यटन एवं प्रबंधन संस्थान से गाइड का प्रशिक्षण दिलाएंगे। इन्हें संबंधित पर्यटन स्थल या पुरातत्व स्थल के हिसाब से प्रशिक्षित किया जा जाएगा, ताकि उन्हें संबंधित जगह के इतिहास, संस्कृति आदि की पुख्ता जानकारी दी जा सके। इसके अलावा, हम ऑडियो गाइड की भी व्यवस्था कर रहे हैं। इसमें आसानी भी रहेगी कि पर्यटक किसी पर्यटन स्थल पर जाकर ऑडियो गाइड लें और अपने हिसाब से घूमें और उसकी जानकारी प्राप्त करें।

प्रश्न था - बौद्ध पर्यटकों के लिए भारत सदा पसंदीदा स्थल रहा है। लेकिन इससे जुडे़ स्थल अभी भी उपेक्षित हैं। इस दिशा में क्या काम हो रहा है?
विज्ञापन


उत्तर- देश के बौद्ध पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार इस समय कई योजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। एक तरफ  इन स्थलों को विमान सेवा से जोड़ने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सहयोग लिया जा रहा है, तो इन स्थलों तक बेहतर संपर्क पथ बन सके, इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का सहयोग लिया जा रहा है। इसके साथ ही चुनिंदा पर्यटन स्थलों पर जन सुविधा परिसर बनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने अपने स्तर पर योजनाओं की शुरुआत की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें