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ईरान को तेल के बदले भुगतान के लिए डॉलर की जगह रुपया देगा भारत

Thu, 06 Dec 2018 10:22 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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संकेतात्मक तस्वीर
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भारत ने ईरान से कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) खरीदने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर निकालने के बजाय रुपया आधारित भुगतान तंत्र का उपयोग करेगा। दोनों देशों के बीच इसे लेकर हुई चर्चा से जुड़े पेट्रोलियम उद्योग के एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को बताया कि नई दिल्ली इस भुगतान में से करीब 50 फीसदी रुपये के बदले तेहरान को आवश्यक वस्तुओं का निर्यात करेगा। ईरान तेल के बदले रुपये में भुगतान लेने पर सहमति जताने वाला दूसरा देश बन गया है। दो दिन पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी भारत रुपये में भुगतान लेने के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर चुका है।

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सूत्र का कहना है कि दोनों देशों के बीच 2 नवंबर को इससे संबंधित सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह सहमति तब बनी थी, जब अमेरिका ने भारत समेत 7 देशों को 5 नवंबर से ईरान पर प्रतिबंध शुरू होने के बाद भी तेल खरीदने की इजाजत दे दी थी। सूत्र के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियां तेल के बदले रुपये में किए जाने वाले भुगतान को नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (एनआईओसी) के यूको बैंक में मौजूद खाते में जमा कराएंगे। 

सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय बैंक यूको की तरफ से अगले 10 दिन में इस पूरे भुगतान तंत्र को सार्वजनिक कर दिए जाने की संभावना है। सूत्र का कहना है कि रूसी और चीनी शिपिंग कंपनियों ने भारत-ईरान के बीच व्यापार में ढुलाई की व्यवस्था संभालने में रुचि दिखाई है। अमेरिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध के मुताबिक, भारत की तरफ से ईरान को कृषि उत्पाद, खाद्य पदार्थ, दवाइयां और मेडिकल उपकरण ही निर्यात कर सकता है। संभावना है कि भारत की तरफ से गेहूं, सोयाबीन, सोया खाद्य उत्पाद और कंज्यूमर उत्पादों का निर्यात तेहरान को किया जाएगा।

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पहले भी रुपये में भुगतान कर चुका है भारत

ईरान पर 5 नवंबर को प्रतिबंध लागू होने से पहले तक भारत यूरोपियन बैंकिंग चैनल के जरिए उसे यूरो में भुगतान कर रहा था, लेकिन यह व्यवस्था प्रतिबंध लागू होने के साथ ही बंद हो गई थी। इससे पहले 2013 में भी ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के पहले दौर में भी भारत उसे रुपये में भुगतान कर चुका है। तब भारत ने 45 फीसदी भुगतान रुपये में करने के बाद बकाया रकम 2015 में प्रतिबंध खत्म होने के बाद किया गया था।

अमेरिका की यह भी है शर्त

- 180 दिन तक की ही छूट दी है अमेरिका ने भारत को तेल आयात के लिए
- 03 लाख बैरल प्रति दिन ही अधिकतम क्रूड ऑयल खरीद सकता है भारत
- 5.6 लाख बैरल प्रति दिन रहा था प्रतिबंध से पहले भारत का ईरान से आयात 
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भारत को इसलिए है लाभ

- 03 नंबर पर है भारत दुनिया में तेल खरीदने वाले देशों की सूची में
- 80 फीसदी तेल की आवश्यकता भारत आयात से ही पूरी करता है
- 10 फीसदी भारतीय तेल ईरान से ही आता है भारत के लिए
- 02 नंबर पर है ईरानी तेल के खरीदारों में चीन के बाद भारत
- 2.26 करोड़ टन क्रूड ऑयल खरीदा था भारत ने 2017-18 में ईरान से
- 02 भारतीय रिफाइनरी मंगलूरू व आईओसी अगले दो महीने की कर चुकी थीं डील
- 12.5 लाख टन तेल इस डील के हिसाब से नवंबर-दिसंबर में खरीदना है दोनों रिफाइनरी को
- 60 दिन का क्रेडिट ऑफ परचेज दे रहा है ईरान, साथ ही अपने जहाजों से शिपिंग व बीमा भी उपलब्ध करा रहा
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