ईरान पर 5 नवंबर को प्रतिबंध लागू होने से पहले तक भारत यूरोपियन बैंकिंग चैनल के जरिए उसे यूरो में भुगतान कर रहा था, लेकिन यह व्यवस्था प्रतिबंध लागू होने के साथ ही बंद हो गई थी। इससे पहले 2013 में भी ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के पहले दौर में भी भारत उसे रुपये में भुगतान कर चुका है। तब भारत ने 45 फीसदी भुगतान रुपये में करने के बाद बकाया रकम 2015 में प्रतिबंध खत्म होने के बाद किया गया था।
- 180 दिन तक की ही छूट दी है अमेरिका ने भारत को तेल आयात के लिए
- 03 लाख बैरल प्रति दिन ही अधिकतम क्रूड ऑयल खरीद सकता है भारत
- 5.6 लाख बैरल प्रति दिन रहा था प्रतिबंध से पहले भारत का ईरान से आयात
- 03 नंबर पर है भारत दुनिया में तेल खरीदने वाले देशों की सूची में
- 80 फीसदी तेल की आवश्यकता भारत आयात से ही पूरी करता है
- 10 फीसदी भारतीय तेल ईरान से ही आता है भारत के लिए
- 02 नंबर पर है ईरानी तेल के खरीदारों में चीन के बाद भारत
- 2.26 करोड़ टन क्रूड ऑयल खरीदा था भारत ने 2017-18 में ईरान से
- 02 भारतीय रिफाइनरी मंगलूरू व आईओसी अगले दो महीने की कर चुकी थीं डील
- 12.5 लाख टन तेल इस डील के हिसाब से नवंबर-दिसंबर में खरीदना है दोनों रिफाइनरी को
- 60 दिन का क्रेडिट ऑफ परचेज दे रहा है ईरान, साथ ही अपने जहाजों से शिपिंग व बीमा भी उपलब्ध करा रहा