आयकर विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रमुख तेल कंपनी और एक दूरसंचार कंपनी के सर्वे के दौरान 3,500 करोड़ रुपये की टीडीएस गड़बड़ी का पता लगाया है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीबीडीटी ने इन घटनाओं को बड़ी सफलता बताया। उसने कहा कि तेल कंपनी के मामले में स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नहीं होने पर 3,200 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का पता चला है। वहीं दूरसंचार कंपनी के मामले में 324 करोड़ रुपये की टीडीएस भुगतान नहीं होने का पता चला है।
सीबीडीटी ने हालांकि इन कंपनियों के नाम नहीं बताए हैं। बोर्ड ने वहीं इसी तरह की एक अन्य कार्रवाई में पाया कि दिल्ली के कई अस्पताल टीडीएस नियमों का खुले तौर पर उल्लंघन कर रहे हैं और विभाग को कम कर का भुगतान कर रहे हैं।
तेल कंपनी के मामले में विभाग ने कहा, भुगतान में जो गड़बड़ी है वह कर की कम कटौती और कर कटौती नहीं किया जाना शामिल है। आयकर कानून की धारा 194जे के तहत टीडीएस की अल्प कटौती का मामला बनता है।
इसके तहत कई सालों के दौरान प्रतिष्ठानों और उच्च प्रौद्योगिकी की तेल रिफाइनरियों के रखरखाव और तकनीकी सेवाओं की फीस के भुगतान, एलएनजी परिवहन और पुन: गैसी करण के लिए होने वाली रासायनिक प्रक्रिया के लिए भुगतान के मामले में टीडीएस की कम कटौती की गई।
वहीं उत्पादों की खरीद और सेवाओं सहित सकल अनुबंध में जहां दो प्रतिशत की दर से टीडीएस काटा जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। परिणामस्वरूप कंपनी से इसमें चूक हुई।