रिपोर्ट के अनुसार 2021 और 2022 का अनुमान अक्तूबर 2020 में विश्व आर्थिक परिदृश्य की तुलना में क्रमश: 0.8 प्रतिशत और 0.2 प्रतिशत अधिक है। यह कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में राजकोषीय समर्थन तथा टीकाकरण के साथ पुनरुद्धार में तेजी को प्रतिबिंबित करता है। इसमें कहा गया है कि मध्यम अवधि में वैश्विक वृद्धि दर कुछ नरम पड़कर 3.3 प्रतिशत रह सकती है।
गोपीनाथ ने ब्लॉग पोस्ट में लिखा है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और कई देशों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुनरुद्धार की गति देशों के बीच और देशों के भीतर अलग-अलग है। टीकाकरण को तेजी से क्रियान्वित नहीं करना, पर्याप्त नीतिगत समर्थन का अभाव और पर्यटन पर अधिक निर्भरता वाले देशों में यह अंतर ज्यादा है।
गोपीनाथ ने यह भी कहा है कि नीति निर्माताओं को महामारी पूर्व स्थिति की तुलना में सीमित नीतिगत उपायों तथा उच्च कर्ज के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को निरंतर समर्थन देने की जरूरत होगी।