आम बजट से पहले महंगाई ने सरकार को बड़ा झटका दे दिया है। दिसंबर 2017 में खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के सुविधाजनक स्तर को पार कर 5.21 फीसदी पर पहुंच गई जिससे ब्याज दरों में कटौती की आस धूमिल हो रही है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई दर नवंबर में 4.88 फीसदी रही थी। एक साल पहले यह 3.41 फीसदी थी।
दूसरी ओर, शुक्रवार को जारी आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन विकास की शानदार दर ने सबको चौंकाया। यह दर नवंबर 2017 में बढ़कर 8.4 फीसदी पर पहुंच गई, जो गत 17 माह का ऊपरी स्तर है।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक निर्माण और पूंजीगत वस्तु सेक्टरों के बेहतर प्रदर्शन का इसमें प्रमुख योगदान रहा।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर मापी जाने वाली औद्योगिक विकास दर नवंबर 2016 में 5.1 फीसदी थी।
औद्योगिक विकास की इससे ऊंची दर जून 2016 में 8.9 फीसदी दर्ज की गई थी। अक्तूबर 2017 की दर को संशोधित कर दो फीसदी कर दिया गया है, जो पिछले माह जारी अस्थायी अनुमान में 2.2 फीसदी थी।