वर्ल्ड बैंक समूह के एक सदस्य आईएफसी ने भारत में वित्त वर्ष 2018 में रिकॉर्ड 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो पिछले दो साल के मुकाबले 136 फीसदी अधिक है। आईएफसी ने इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, समावेशन और स्थायित्व जैसे प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश किया है।
ये सभी निवेश दीर्घकालिक हैं। इसके तहत आईएफसी ने 40 से ज्यादा कंपनियों से साझेदारी की है। इनमें कवरफॉक्स और बिजोंगो जैसे नए स्टार्ट-अप्स के अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी जैसे स्थापित नाम भी शामिल हैं।
आईएफसी द्वारा किया गया सर्वकालिक उच्च निवेश है। यह चुनिंदा और व्यवस्थित हस्तक्षेप के जरिए किफायती आवास, छोटे एवं मध्यम उद्यमों, प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स, लॉजिस्टिक्स, कृषि, संकट में फंसी संपत्तियां, अक्षय ऊर्जा और टिकाऊ मोबिलिटी क्षेत्र में प्रमुख विकास अंतराल को संबोधित करता है। ये क्षेत्र आगामी वर्षों में भारत में आईएफसी के निवेश और सलाहकार गतिविधियों के आधारशिला बने रहेंगे।
आईएफसी ने इस साल कई मील के पत्थर स्थापित किए। इस साल उसने पहली बार इंफ्रास्ट्रक्टर के क्षेत्र में 1 अरब डॉलर का निवेश किया है। जलवायु से संबंधित निवेश भी रिकॉर्ड स्तर को छूने के लिए 1 अरब डॉलर का स्तर पार कर गया।