द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंड्रस्टी ऑफ इंडिया (एसोचैम) का कहना है कि मार्च 2018 के बाद प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के दरवाजे खुलेंगे। एसोचैम के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 की शेष अवधि में भारतीय कंपनियों की मुख्य प्राथमिकता वेतन लागत नियंत्रण है। इस कारण शेष अवधि में प्राइवेट सेक्टर में नई नियुक्तियों की बहुत उम्मीद नहीं है।
चैंबर का यह अनुमान अपने सदस्यों की तरफ से मिले फीडबैक पर आधारित है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, ‘मूडी की तरफ से रेटिंग में सुधार से भले ही उत्साह बढ़ा हो लेकिन प्राइवेट सेक्टर के लिए अगली दो तिमाही चुनौतीपूर्ण है।’
उन्होंने कहा कि चीजों में सुधार होगा लेकिन अधिक कर्ज, सुस्त उपभोक्ता मांग जैसी मौजूदा समस्याएं अप्रैल 2018 से ठीक होना शुरू होंगी। यदि कोई अप्रिय घटना नहीं होती है तो वित्त वर्ष 2018-19 मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में बेहतर होगा।
एसोचैम के अनुसार शेयर बाजार में तेजी कारण तरलता की अधिकता है। यह भी आर्थिक विकास में वृद्धि और आगे बढ़ने की राह को प्रदर्शित कर रही है। इसमें उल्लेख किया गया है कि सबसे अधिक मंथन टेलीकॉम, प्राइवेट और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों समेत फाइनेंसियल कंपनियों, सूचना तकनीक, रिएल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में होगा। जीएसटी से जुड़ी समस्याओं के अगले कुछ महीनों में हल होने की उम्मीद जताई गई है।