पिछले दिनों अमेरिका में पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था। जॉर्ज की मौत के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए थे। इस विरोध प्रदर्शन को 'ब्लैक लाइव्स मैटर' आंदोलन के नाम से पुकारा गया। यह विरोध प्रदर्शन अमेरिका की सीमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उससे बाहर निकलकर यूरोप समेत अन्य देशों तक भी पहुंच गया था।
रंगभेद के खिलाफ चले इसी आंदोलन की वजह से हाल ही में अमेरिकी हेल्थकेयर एवं एफएमसीजी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत सहित दुनियाभर में अपनी स्किन व्हाइटनिंग क्रीम की बिक्री रोक दी।
फ्रांस की पर्सनल केयर कंपनी लॉरियल ग्रुप ने भी पिछले हफ्ते कहा था कि वह अपने त्वचा देखभाल उत्पादों से 'व्हाइट, व्हाइटनिंग, फेयर, फेयरनेस, लाइट, लाइटनिंग' जैसे शब्दों को हटाएगी। इसी क्रम में हिन्दुस्तान यूनिलीवर ने भी अपने ब्रांड से 'फेयर' हटाया है।