सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लोन मोरेटोरियम मामले की सुनवाई पांच नवंबर तक टाल दी। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई टालने का अनुरोध किया।
मेहता ने कहा कि वह केंद्र सरकार की ओर से सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट से संबंधित मामले में सुनवाई में व्यस्त हैं। लोन मोरेटोरियम मामला सोमवार को सूचीबद्ध था, जिस पर आज सुनवाई हो रही है। लिहाजा सुनवाई को टाल दिया जाए।
मामले में रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय अलग अलग अतिरिक्त हलफनामा दायर कर चुके हैं। मंत्रालय और आरबीआई ने कोर्ट को बताय है कि बैंकों व वित्तीय संस्थाओं को पांच नवंबर तक कर्जदारों के खाते में चक्रवृद्धि ब्याज और सामान्य ब्याज के बीच अंतर की राशि को जमा करा दिया जाएगा।