शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) काउंसिल की 22वीं बैठक में कई आइटमों पर टैक्स की दरें घटाने का फैसला किया गया है।
काउंसिल की मीटिंग के बाद जेटली ने बताया कि एक्सपोर्टर्स को रिफंड किया जाएगा। छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है।
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इन आइटमों पर घटाई टैक्स दर:-
- कपड़ा व्यापारियों को मैनमेड यार्न पर टैक्स 18 से घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है
- डीजल इंजन और पंप के पुर्जों पर 28 से घटाकर 18 फीसदी
- क्लिप और पिन जैसे स्टेशनरी वस्तुओं पर 28 से 18 फीसदी
- अनब्रैंडेड आयुर्वेदिक दवाओं पर 12 से पांच फीसदी
- ई-वेस्ट पर 28 से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है
- खाखड़ा व प्लेन चपाती पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है
- बच्चों के पैकेज्ड फूड पर 12 प्रतिशत से 5% कर दिया गया है।
- मार्बल और ग्रेनाइट को छोड़कर दूसरे स्टोन, स्टेशनरी पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी कर दी गई है
- अनब्रैंडेड नमकीन पर 12 से 5 फीसदी
- प्लास्टिक, रबर वेस्ट पर जीएसटी 18 से 5 फीसदी जबकि पेपर वेस्ट पर 12 से 5 फीसदी कर दी गई है
- ईवेस्ट पर जीएसटी 28 से 5 फीसदी
- जरी के काम और आर्टिफिशल जूलरी पर जीएसटी 12 से 5 फीसदी
- कटे हुए आम पर जीएसटी 12 से 5 फीसदी
- जॉब वर्क करने वालों के लिए जीएसटी की दरें 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दी गई हैं