वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले उत्पादित हुई वस्तुओं को अब नई अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) के स्टिकर के साथ 31 जुलाई तक बेचा जा सकेगा। सरकार ने 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद इन वस्तुओं को पहले तीन महीने और फिर 30 अप्रैल तक नए मूल्य वाले स्टिकर के साथ बेचने की अनुमति दी थी, जिसकी अवधि उत्पादकों, पैकर्स और आयातकों के अनुरोध पर एक बार फिर 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।
मंत्रालय के मुताबिक, जीएसटी कानून से पहले बनी वस्तुओं पर निर्मित देश का नाम, इस्तेमाल की अवधि, एक्सपायरी डेट के अलावा अन्य जानकारी के साथ स्टिकर लगाना अनिवार्य है।