GST लागू होने के बाद राज्यों के राजस्व क्षति की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति उपकर व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन यह व्यवस्था शुरुआत के 5 साल के लिए ही की गई थी, इस तरह इसे 30 जून 2022 को समाप्त हो जाना था।
सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस को मार्च 2026 तक बढ़ाने का फैसला लिया है। GST सेस की वसूली को 30 जून को समाप्त किया जाना था, पर सरकार ने पिछले 2 सालों में राजस्व संग्रह में आई कमी को देखते हुए और 2 फाइनेंशियल इयर में राज्यों को दिए गए मुआवजे के उधार और बकाया के भुगतान के लिए इसे 4 साल तक और आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक यह सूचना केन्द्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की गयी है।
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आपको बता दें कि जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर महंगी वस्तुओं और गैरजरूरी सामान पर लगाया जाता है अब इस उपकर को मार्च 2026 चार्ज किया जाएगा। इस उपकर को वसूलने के पीछे सरकार का मकसद राजस्व में हुए नुकसान की भरपाई करना है ताकि 2020-21, 2021-22 के दौरान लिए गए कर्जों का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
केंद्र सरकार ने उपकर संग्रह में आई गिरावट की भरपाई के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में उधारी जुटाकर 1.1 लाख करोड़ रुपए जारी किए थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में इसी मद में 1.59 करोड़ रुपए की राशि उधार लेकर राज्यों को जारी की थी। ऐसे में कई राज्यों ने केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति उपकर व्यवस्था जारी रखने की बात कही थी, क्योंकि क्षतिपूर्ति व्यवस्था बंद होने से उनके राजस्व में किल्लत होने लगेगी।
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गौरतलब है कि GST लागू होने के बाद राज्यों के राजस्व क्षति की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति उपकर व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन यह व्यवस्था शुरुआत के 5 साल के लिए ही की गई थी, इस तरह इसे 30 जून 2022 को समाप्त हो जाना था। हालांकि, अब सरकार ने राज्यों के हितों को देखते हुए क्षतिपूर्ति उपकर हटाने की समय समयसीमा मार्च 2026 तक बढ़ाने का फैसला लिया है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार राज्यों को 31 मई 2022 तक देय GST क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) का भुगतान कर चुकी है।