वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सॉक्स का मानना है कि क्रूड की कीमतों में नरमी, राजनीतिक स्थिरता और आधारभूत ढांचे में सुधार से भारत की विकास दर चालू वित्त वर्ष में 7.2 फीसदी रहेगी। फर्म ने आरबीआई के जीडीपी आंकडे़ का अनुमान घटाने को एनबीएफसी संकट का असर बताया।
गोल्डमैन सॉक्स के अनुसार, आरबीआई के मौद्रिक नीति में नरम रुख अपनाने से विकास दर को गति मिलेगी और यह सुस्ती से उबरकर 2019-20 में 7.2 फीसदी हो जाएगी। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का संकट बढ़ने से खुदरा उपभोक्ताओं और छोटे उद्योगों तक कर्ज की पहुंच घटी है।
2018 की तीसरी तिमाही में एनबीएफसी के कर्ज का दायरा 26 फीसदी पहुंच गया था, जो अभी घटकर 20 फीसदी हो गया है। आरबीआई इसमें सुधार के लिए कदम उठा रहा है और नकदी तरलता बेहतर होने व ब्याज दर में कमी से क्रेडिट ग्रोथ मजबूत होगी। इससे निश्चित तौर पर विकास दर रफ्तार पकड़ेगी।