रसायन व खाद मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि आम लोगों को सस्ती दवाइयां मुहैया कराने के लिए 1,000 रेलवे स्टेशनों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। सरकार राज्यों के बस स्टैंड पर भी इस प्रकार के स्टोर खोलने की योजना बना रही है ताकि छोटे शहरों में भी सस्ती दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से यह भी प्रयास किए जा रहे हैं कि मरीजों की सुविधा के लिए डॉक्टर अधिक से अधिक जेनरिक दवाइयां लिखा करें।कुमार ने बताया कि 1,000 रेलवे स्टेशनों पर जन औषधि केंद्र खोलने के मामले में वह रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बात करने जा रहे हैं।
वहीं छोटे शहरों में सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए राज्यों के बस स्टैंड पर स्टोर खोलने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक पूरे देश में कम से कम 3,000 जन औषधि केंद्र होंगे और इनका कुल कारोबार 60 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
कुमार ने कहा कि इन स्टोर में आपूर्ति होने वाली दवाइयों की गुणवत्ता का ख्याल रखा जाएगा और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नियमों का पालन करने वाली दवा निर्माता कंपनियों को ही औषधि स्टोर पर दवा आपूर्ति की इजाजत दी जाएगी।
देश में 10,000 दवा कंपनियां हैं और इनमें से सिर्फ 1,400 कंपनियां ही डब्ल्यूएचओ से सर्टिफाइड हैं और यही कंपनियां स्टोर में दवा आपूर्ति के टेंडर में भाग ले सकती हैं।
कुमार ने बताया कि सरकार ब्लॉक स्तर पर जन औषधि केंद्र खोलने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है। युवाओं की तरफ से औषधि केंद्र खोलने के लिए 30,000 आवेदन मिल चुके हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है।