केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2024 में आठ लाख करोड़ से ज्यादा उधार लेने की योजना बनाई है। आधिकारिक बयान के अनुसार, एक अप्रैल 2023 से शुरू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कुल 15.43 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित बाजार उधारी में से 8.88 लाख करोड़ रुपये यानी 57.5 प्रतिशत पहली छमाही में जुटाने की योजना है। उधारी कार्यक्रम 26 साप्ताहिक किस्तों में पूरा करने की योजना है। इसके तहत 31,000 से 39,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। उधारी तीन, पांच, सात, 10, 14, 30 और 40 साल की प्रतिभूतियों के जरिए जुटाई जाएगी।
वहीं, मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि वित्तीय और निवेश चक्र में बदलाव के कारण आने वाले दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने की संभावना है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया जिस तरह की अनिश्चितताओं का सामना कर रही है, उसके कारण आने वाले समय में वैश्विक निर्यात वृद्धि दर कुछ सुस्त रह सकती है।
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नागेश्वरन ने कहा, मुझे लगता है कि वाणिज्यिक क्षेत्र और रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय, ऋण और निवेश चक्र की बहाली से आने वाले दशक में हम औसतन साढ़े छह प्रतिशत की दर से बढ़ेंगे। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने अक्तूबर-दिसंबर में सालाना आधार पर 4.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की, जो एक साल पहले 11.2 फीसदी थी। पिछली तिमाही में 6.3 फीसदी थी।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण में अप्रैल 6 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2023-24 में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।