केंद्र सरकार ने देश के 15 हवाई अड्डों को निजी हाथों में बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले देश के चार बड़े हवाई अड्डों पर से सरकार का नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो चुका है। यह पहली बार होगा कि एनडीए सरकार इस तरह का कदम उठाने जा रही है।
इन चार बड़े एयरपोर्ट्स का ऑपरेशंस निजी हाथो में
अभी देश के चार बड़े एयरपोर्ट्स का ऑपरेंशन पूरी तरह से निजी हाथों में है। यह एयरपोर्ट हैं दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू और हैदराबाद। हालांकि जिन एयरपोर्ट्स को सरकार बेचने जा रही है वो सभी के सभी प्रॉफिट कमा रहे हैं और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के स्वामित्व में चल रहे हैं।
जिन एयरपोर्ट्स को बेचा जाएगा उनमें अहमदाबाद, चेन्नई, जयपुर, कोलकाता और लखनऊ शामिल हैं। इससे पहले भी सरकार ने जयपुर और अहमदाबाद के एयरपोर्ट का मैनेजमेंट निजी हाथों में देने की बात कही थी, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सकी, क्योंकि कोई भी कंपनी बोली शामिल नहीं हुई।
पीएमओ ने दिया निर्देश
पीएमओ ने डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स और नीति आयोग को निर्देश दिया है कि वो एक प्लान को तैयार करें जिससे देश के अधिकांश एयरपोर्ट को निजी हाथों में बेचा सके। इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय को भी मदद करने के लिए कहा गया है।
एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
सरकार के इस कदम से एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में काफी मदद मिलेगी। जहां इससे एक तरफ एयरपोर्ट पर खाली पड़ी जमीन का व्यवसायिक इस्तेमाल करने में काफी मदद मिलेगी।