हाल ही में मुद्रा योजना के लाभार्थियों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि मुद्रा स्कीम से स्व-रोजगार बढ़ा है, जिससे दूसरों को भी रोजगार के मौके उपलब्ध हुए हैं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया था कि सरकार के आकड़ों के मुताबिक मुद्रा योजना के 12 करोड़ लाभार्थियों में से 28 फीसदी तकरीबन 3.25 करोड़ लोग पहली बार उद्यमी बने थे। वहीं 74 फीसदी तकरीबन 9 करोड़ लाभार्थी महिलाएं थीं और 55 फीसदी लाभार्थी एससी/एसटी और दूसरी पिछड़ी जातियों से थे।
सरकार ने जुलाई 2015 में स्किल इंडिया मिशन के तहत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना लॉन्च की थी। वहीं सरकार ने स्किल इंडिया मिशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अलग से नया मंत्रालय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भी बनाया था। लेकिन मंत्रालय सरकार की कोशिशों पर खरा नहीं उतर पाया। इस योजना के तहत सरकार अभी तक 13 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दे चुकी है, जिनमें से फरवरी, 2018 तक 9 लाख युवाओं को प्रमाणित किया जा चुका है।