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जीएसटी: बसों में जा रहा सामान, ट्रांसपोर्टर्स को कर रहे परेशान, कार्रवाई से व्यापारी हैरान

Wed, 22 Jan 2020 01:20 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
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स्टेट जीएसटी (वाणिज्यकर) विभाग ने मंगलवार को शहर के ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए और पंजीकरण के फायदे गिनाने के लिए बुलाया, लेकिन इस बैठक में उनका दर्द सामने आ गया।
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ट्रांसपोर्टरों ने एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन से कहा कि बसों में माल भरकर ले जाया जा रहा है, लेकिन सचल दल ट्रांसपोर्टरों को परेशान कर रहे हैं। बस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही।

मंगलवार को एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि 35 हजार जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने में ट्रांसपोर्टर सहयोग करें। कोई भी ट्रांसपोर्टर आधार कार्ड पर माल न ले जाए। उन पार्टियों को जो आधार कार्ड पर माल मंगाते हैं, उनसे जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए कहें। जो लोग आधार का उपयोग कर रहे हैं। उनकी सूचना विभाग को दें।
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आगरा गुड्स कैरियर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट की गाड़ी में एक माल के प्रपत्र में गलती होने पर पूरी गाड़ी रोक ली जाती है। एक्सपोर्ट और शादी के लिए ले जाए जा रहे माल को ऐसे रोकने पर कंपनियां ट्रांसपोर्टरों को माल देना बंद कर रही हैं। ट्रांसपोर्टरों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। एडीशनल कमिश्नर ने उनकी बात जीएसटी काउंसिल तक पहुंचाने का भरोसा दिया।

आगरा रिटेल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार चरणजीत सिंह ने कहा कि पूरे प्रपत्र होने पर भी सचल दल परेशान करते हैं। इस पर संयुक्त आयुक्त केएन पाल और एके श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी सीधे उन्हें दें।

ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में रमेश शर्मा, अजय तिवारी, नरेश वर्मा, हिमांशु कौशिक, शिव सिंह, केवल डाबर, एसएल जैन, हुकुम सिंह, विकास गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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