संसद में जीएसटी पर बुधवार को चर्चा होगी। इसके साथ ही इसके एक जुलाई से लागू होने की उम्मीद बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म साबित होगा।
जीवन और स्वास्थ्य बीमा सहित कर्मचारियों को विभिन्न सुविधाओं की आपूर्ति पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होगा। जीएसटी लागू होने के बाद प्राइवेट कंपनियों से कर्मचारियों को मिलने वाले कई टैक्स बेनिफिट भी टैक्स के दायरे में आ सकते हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, कर्मचारियों को कंपनी से मिलने वाली सुविधाएं कॉस्ट टू कंपनी के अंदर शामिल नहीं हैं। अब ये जीएसटी के दायर में आ सकती हैं। इसके साथ ही कॉस्ट टू कंपनी के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाली फ्री लंच, कार ड्रॉप्स के साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप भी शामिल है।
कर्मचारी कंपनी से मिलने वाली मुफ्ट गुड्स एंड सर्विसेज का तय राशि से ऊपर इस्तेमाल करता है तो उस पर भी जीएसटी लागू होगा। वहीं, जीवन और स्वास्थ्य बीमा सहित कई सुविधाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होगा।
जीएसटी विधेयक में एक अपवाद भी तैयार किया गया है। इसकी अनुसूची-1 में यह प्रावधान है कि कंपनी द्वारा दिए जाने वाले ऐसे गिफ्ट जिसकी कीमत 50 हजार रुपए से अधिक नहीं हैं उसे गुड्स और सर्विस की सप्लाई के रूप में ट्रीट नहीं किया जाएगा।
सेंट्रल जीएसटी बिल के अनुसार, किसी भी तरह की लीज, किराया, भूमि पर कब्जे के लाइसेंस पर भी जीएसटी लागू होगा। वहीं, इमारत के पूरे या आधे हिस्से को भी लीज पर देने पर जीएसटी लगेगा।