कोविड-19 महामारी से प्रभावित भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल में लॉकडाउन के बाद से अब तक भारतीय पूंजी बाजार में विदेशी निवेश पोर्टफोलियो (एफपीआई) 1.32 लाख करोड़ रुपये रहा है। सिर्फ नवंबर में ही विदेशी निवेशकों ने 36.10 हजार करोड़ रुपये लगाए हैं।
46.73 हजार करोड़ का एफपीआई आया सितंबर तिमाही में
मॉर्निंग स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कुल 6.3 अरब डॉलर (46.73 हजार करोड़) का एफपीआई आया है। इससे पहले जून तिमाही में भी विदेशी निवेशकों ने 3.9 अरब डॉलर (28.93 हजार करोड़) की पूंजी लगाई थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अर्थव्यवस्था के खुलने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी को देखते हुए विदेशी निवेशक यहां पूंजी लगा रहे हैं।
लगातार बढ़ते निवेश से सितंबर तिमाही तक भारतीय बाजार में एफपीआई की कुल पूंजी बढ़कर 450 अरब डॉलर पहुंच गई है। जून तिमाही में यह पूंजी 344 अरब डॉलर थी। इस तरह देखा जाए तो तीन महीने के भीतर विदेशी निवेशक में 31 फीसदी का बड़ा उछाल आया है।
अगस्त में 10 साल का सबसे ज्यादा निवेश
अगस्त 2020 में आया एफपीआई 10 साल में सबसे ज्यादा रहा है। मॉर्निंग स्टार ने बताया कि अगस्त में कुल 6.2 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया, जो अक्टूबर 2010 के 6.4 अरब डॉलर के बाद किसी एक महीने में सबसे ज्यादा है। हालांकि सितंबर में बिकवाली का ट्रेंड रहा और विदेशी निवेशकों ने 1.1 अरब डॉलर की निकासी की।
अक्टूबर में फिर तगड़ा निवेश किया और कुल 22033 करोड़ लगाएं। विश्लेषकों का अनुमान है कि नवंबर में सबसे ज्यादा विनिवेश का रिकॉर्ड टूट सकता है। 14 नवंबर तक 35,109 करोड़ का विदेशी निवेश आ चुका है जबकि अभी बाकी है।