जीएसटी लागू होने के बाद पुराने गहने और कार बेचने पर सरकार द्वारा पहले की गई घोषणा से यू-टर्न ले लिया है। पहले सरकार ने घोषणा की थी कि पुरानी ज्वैलरी बेचने पर जीएसटी लगेगा, लेकिन अब सरकार ने कहा है कि ऐसे लोग जिनके पास पहले से घर में गोल्ड या फिर ज्वैलरी रखी है, वो बिना जीएसटी के इसको बेच सकते हैं।
पुरानी कार बेचने पर भी लागू होगा ये नियम
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यह नियम पुरानी कार बेचने पर भी लागू होगा। जीएसटी कानून का सेक्शन 9 कहता है कि जब भी कोई अनरजिस्टर्ड सप्लायर (इस मामले में आम आदमी) किसी रजिस्टर्ड व्यक्ति (इस मामले में ज्वैलर, कार डीलर) को ज्वैलरी या फिर कार बेचता है, तो आम आदमी को इसके लिए कोई टैक्स नहीं देना होगा। ऐसे ट्रांजेक्शन में आरसीएम के तहत टैक्स रजिस्टर्ड व्यक्ति के जरिए भरा जाएगा।
फिलहाल ज्वैलर्स नहीं रखते हैं पुरानी ज्वैलरी खरीदने का हिसाब-किताब
सरकार का मानना है कि असंगठित सेक्टर में काम कर रहे देश भर के 95 फीसदी से ज्यादा ज्वैलर्स फिलहाल पुरानी ज्वैलरी खरीदने का किसी तरह का कोई हिसाब-किताब नहीं रखते हैं और ना ही इसके बारे में किसी तरह की जानकारी देते नहीं है। अब जीएसटी लागू होने के बाद यह सारा सिस्टम खत्म हो जाएगा। 1 जुलाई से प्रत्येक ज्वैलर्स को इसके बारे में जानकारी देने की बात कही गई थी, जिससे लोगों में काफी रोष व्याप्त हो गया था।