वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर व्यवस्था में एक्जंप्शन की संख्या बढ़कर 127-128 तक पहुंच गई है। ऐसे में कोई कर्मचारी नौकरी करेगा या यह देखेगा कि कर बचाने के लिए कहां निवेश करें। इसीलिए आयकर घटाकर एक्जंप्शन खत्म करने की व्यवस्था की गई है।
वित्तमंत्री ने कहा, ‘नई योजना में ऐसे लोगों को फायदा होगा, जो पुरानी योजना में ज्यादा कर का भुगतान कर रहे थे। अगर किसी को फायदा नहीं होगा तो कोई नई व्यवस्था से क्यों जुड़ेगा।’ उन्होंने नई योजना का बचाव करते हुए कहा कि इसका फायदा आयकर की चुनिंदा ब्रैकेट में आने वाले लोगों को ही मिलेगा, क्योंकि इसमें कर की छूट ज्यादा है।
वित्तमंत्री ने कहा कि करदाताओं का उत्पीड़न घटे, इसीलिए बजट में आयकर चार्टर लाने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा, पिछले साल जुलाई में बजट पेश किए जाने के बाद करदाताओं के उत्पीड़न की बातें सामने आई थीं। उसके बाद कर अधिकारियों को स्पष्ट रूप से लक्ष्य पूरा करने केलिए किसी का उत्पीड़न नहीं किए जाने के निर्देश दिए गए थे।
सीतारमण ने कहा, अब करदाताओं का उत्पीड़न कम करने के लिए दूसरे विभागों में बने सिटीजन चार्टर की तरह आयकर चार्टर बनाने का विचार आया है। इसकेलिए अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों के प्रावधानों का अध्ययन किया। उन्होंने कहा, ‘हम करदाताओं को ईमानदार मानते हैं और उन पर भरोसा करते हुए ऐसा कर रहे हैं।’