फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वित्तमंत्री ने रीयल एस्टेट कारोबारी और घर खरीदारों से की मुलाकात, समस्याओं को दूर करने का दिया भरोसा

Sun, 11 Aug 2019 10:32 PM IST
Trainee Trainee बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI
विज्ञापन

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को रीयल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों तथा घर खरीदारों से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने बैठक में नकदी संकट, मांग में कमी तथा रुकी परियोजनाओं को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की। सरकार ने कहा कि वह जल्दी ही रीयल एस्टेट क्षेत्र की वृद्धि में आड़े आ रही समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कदम उठाएगी। 

विज्ञापन


सीतारमण ने पहली मुलाकात क्षेत्र के दो शीर्ष संगठनों क्रेडाई और नारेडको के पदाधिकारियों के साथ की। दूसरी मुलाकात घर खरीदारों के प्रतिनिधियों से की। इसमें उन्होंने रीयल एस्टेट क्षेत्र को प्रभावित कर रही दिक्कतों तथा समाधान पर चर्चा की।

बैठक में आवासीय एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर तथा आर्थिक मामलों, राजस्व, आवास, सीबीडीटी, कॉरपोरेट मामलों तथा रेरा के शीर्ष अधिकारी भी शामिल रहे।
विज्ञापन

 

बैठक के बाद पुरी ने मीडिया से कहा,  रीयल एस्टेट उद्योग के साथ बैठक में सार्थक चर्चा हुई। हमने कई मुद्दों पर बातचीत की, कई मामलों को स्पष्ट किया। सरकार इन मुद्दों का आने वाले दिनों में समाधान निकालेगी।

उन्होंने कहा, घर खरीदारों, रुकी परियोजनाओं आदि की जो भी समस्याएं हैं, हम इनका समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कई घर खरीदारों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और कुछ मामलों में निर्णय भी आए हैं। इस कारण यह बेहद जटिल है। क्षेत्र में जो भी समस्याएं हैं, हम उनका समाधान निकालेंगे।

वित्त मंत्रालय ने भी दोनों बैठकों की जानकारी देने को ट्वीट किया। इससे पहले वित्त मंत्रालय ने पिछले सप्ताह वित्तीय बाजार के प्रतिनिधियों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों तथा उद्योग मंडलों के साथ बैठक की थी।

फोरम फोर पीपुल्स कलेक्टिव एफर्ट्स के अध्यक्ष अभय उपाध्याय ने कहा कि परियोजनाओं में देरी से देश भर में पांच लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को पूरा करने तथा घर खरीदारों को राहत देने के लिये 10 हजार करोड़ रुपये का एक कोष बनाने की मांग की।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें