जालंधर की कंपनी एबी इंडिया के निदेशक आदित्य कहते हैं कि इस बार फीफा विश्व कप के दौरान घरेलू बाजार में तो अच्छी मांग दिखी है, लेकिन विदेशी बाजारों से सुस्त मांग है। पहले ऐसा देखा गया था कि जिस देश में फीफा विश्व कप होता है, वहां से ज्यादा मांग निकलती है, लेकिन रूस में विश्व कप होने की वजह से वहां से ज्यादा मांग नहीं निकली। हो सकता है कि इसकी वजह कुछ और हो।
दिल्ली की कंपनी एसएस इंटरनेशनल के प्रवर्तक अजय गांधी का भी कहना है कि पहले विश्व कप के समय बड़ी-बड़ी कंपनियों के इंटरनेशनल ऑर्डर ज्यादा आते थे। ये ऑर्डर महंगे होते थे, लेकिन इस बार ऐसे ऑर्डर ज्यादा नहीं आए हैं। उनका कहना है कि इस बार ज्यादातर ऐसे इंटरनेशनल ऑर्डर पाकिस्तान ले गया है, क्योंकि वहीं की कंपनी फीफा विश्व कप के लिए ऑफिशियल फुटबाल सप्लायर है। इसलिए एडिडास ही नहीं, अन्य जानी-मानी कंपनियां भी वहीं ऑर्डर दे रही हैं।
भारत का फुटबॉल हब कहा जाने वाला कोलकाता में तो फीफा का बुखार सा चढ़ गया है। वहां गली-गली में बच्चे फुटबॉल खेलते तो नजर आ ही रहे हैं, वहां की दीवरों पर भी फीफा विश्व कप की ट्रॉफी, फीफा विश्व कप का शुभंकर और दुनियाभर के मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों की पेंटिंग देखी जा सकती है।
पतंगों पर भी छाया फीफा
देश के पूर्वी हिस्से में बरसात के मौसम में पतंगें उड़ाई जाती हैं। इस बार कोलकाता के व्यापारी पतंगों पर भी विश्व कप में भाग लेने वाले देशों के झंडे, फीफा का लोगो, ट्रॉफी, मशहूर खिलाड़ियों का चित्र लगा रहे हैं। कोलकाता के बड़ा बाजार के पतंग कारोबारी शक्तिपद मजूमदार का कहना है कि इस तरह के पतंगों की मांग सिर्फ कोलकाता शहर में ही नहीं, बल्कि सिक्किम, दार्जिलिंग, असम, त्रिपुरा आदि से भी है।