राजमार्गों पर बने टोल टैक्स पर फास्टैग व्यवस्था लागू कर दी गई। मगर खामियों के चलते वाहन स्वामियों को यह व्यवस्था महंगी पड़ रही है। फास्टैग स्कैन न होने के कारण वाहन स्वामियों को रसीद लेनी पड़ती है। कुछ देर बाद उनका बैलेंस कट जाता है। ऐसे में टोल को पार करना वाहन स्वामियों को महंगा पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टोल बूथों पर फास्टैग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। इसके बाद जिन वाहनों पर फास्टैग लगा होगा वो टोल बूथ पर बिना रुके निकल जाएंगे। टूंडला टोल टैक्स पर व्यवस्थाओं में खामियां वाहन स्वामियों को झेलनी पड़ रही हैं।
उपभोक्ता फास्टैग वाली लाइन में चले जाते हैं। उस समय कुछ गाड़ियों में लगा फास्टैग काम नहीं करता है। ऐसे में टोल पर जमे कर्मचारी सहयोग करने के बजाय कैश वाली लाइन में लगने के लिए कह देते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को लंबी लाइन में फिर से लगना पड़ता है।
वाहन स्वामी कैश टोल टैक्स देकर निकल जाते हैं। इसके बाद एक से दो घंटे बाद फास्टैग से बैलेंस कटने का मैसेज वाहन स्वामियों के मोबाइल पर पहुंच जाता है। अधिकांश उपभोक्ता वापस नहीं आते हैं।