सरकार अपने पास शत्रु संपत्ति के तौर पर दर्ज 996 कंपनियों के करीब साढे़ छह करोड़ शेयर बेचेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में इन शेयरों को बेचने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।
गौरतलब है कि आजादी के बाद देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए लोगों की चल और अचल संपत्ति शत्रु संपत्ति के तहत आती है। इन संपत्तियों के मालिकाना हक का मामला दशकों से लंबित पड़ा था। मौजूदा केंद्र सरकार ने बिल पास कर देश की सभी अचल शत्रु संपत्ति को सरकारी स्वामित्व वाली घोषित कर दिया था।