सीतारमण ने कहा, सरकार का अनुमान है कि जीएसटी जैसे कर सुधारों के चलते कर संग्रह बढ़ोतरी में अभी वक्त लग सकता है और हाल में कंपनी कर में कटौती से भी सरकार को अल्पावधि में बड़ा राजस्व घाटा हुआ है।
सरकार को आर्थिक सुधारों से आगे अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट स्वीकार कर ली है और अंतिम रिपोर्ट बाद में जमा की जाएगी।
2019-20 में सरकारी खर्च बढ़ने और राजस्व संग्रह में कटौती से सरकार राजकोषीय घाटे के 3.3 फीसदी के लक्ष्य से बड़े अंतर से चूक सकती हैं। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने इसके 3.8 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है। वित्तमंत्री ने कहा, 2019-20 में राजकोषीय घाटा 3.8 फीसदी (संशोधित अनुमान) रहने का अनुमान है और 2020-21 में यह 3.5 फीसदी रह सकता है।
सरकार ने इसके लिए वित्तीय दायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम के अंतर्गत ‘एस्केप क्लॉज’ का इस्तेमाल किया है, जो मुश्किल दौर में राजकोषीय घाटा बढ़ाने की स्वतंत्रता देता है। सरकार का अनुमान है कि जीएसटी जैसे कर सुधारों के चलते कर संग्रह बढ़ोतरी में अभी वक्त लग सकता है। लेकिन आर्थिक सुधारों से आगे अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है।