केंद्र सरकार ने शुक्रवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान संसद में 45 बिलों को पारित कराने के लिए कमर कस ली है। इसके साथ ही उसने अपने विधायी एजेंडे में सात आर्थिक मदों पर भी संसद की मुहर लगवाने का लक्ष्य तय किया है।
संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने बृहस्पतिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद इस बात की जानकारी दी। बजट सत्र की शुरुआत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा संबोधित किए जाने के साथ होगी। इसके बाद शुक्रवार को आर्थिक सर्वे संसद में रखे जाने के बाद एक फरवरी की सुबह 11 बजे आम बजट पेश किया जाएगा, जिस पर 11 फरवरी तक चर्चा होगी।
इसके बाद 2 मार्च को दोबारा दोनों सदन बजट सत्र के लिए आयोजित होंगे, जो 3 अप्रैल को संपन्न होगा। इस तरह 64 दिनों के बजट सत्र के दौरान कुल 31 दिन तक संसद बैठेगी। इनमें 9 बैठक पहले भाग में और 22 दूसरे भाग में रखी गई हैं। बजट सत्र के दोनों हिस्सों में रखे गए अंतराल के दौरान संसद की स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों व विभागों की तरफ से की गई अनुदान की मांग का परीक्षण करेंगी।