भारतीय बाजार में कमाई की अपार संभावनाओं को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों से चीन ने तेजी से निवेश बढ़ाया है। इलेक्ट्रॉनिक बाजार में तो चीनी घुसपैठ जगजाहिर है लेकिन मीडिया, फार्मा, टेक्नोलॉजी, कृषि, ऊर्जा, ऑटो जैसे क्षेत्रों में भी चीनी निवेशकों ने काफी पैसा लगा रखा है।
आलम यह है कि चीन से भारतीय इक्विटी में आया विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) महज तीन माह में चार गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। यह पिछले साल दिसंबर में 774 करोड़ रुपये था, जो इस साल मार्च के आखिर में 3,257 करोड़ रुपये हो गया।