इतनी कम अवधि में भारत के लिए अमेरिका कच्चे तेल के शीर्ष 10 अपूर्तिकर्ता देशों में शामिल हो गया है और साथ ही वह एलएनजी का एक अहम स्रोत है। वहीं अमेरिका के लिए भारत अब कच्चे तेल का चौथा और एलएनजी का तीसरा बड़ा आयातक है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय कंपनियां पहले ही अमेरिका में तेल व गैस संपदाओं में निवेश कर चुकी हैं और मैं हमारी कंपनियों की अमेरिका की गैस संपदाओं में दिलचस्पी बढ़ती देख रहा हूं। वास्तव में द्विपक्षीय रणनीतिक भागीदारी में ऊर्जा की अहम भूमिका हो गई है।’
अमेरिका के साथ कोई व्यापार विवाद नहीं : गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई व्यापार विवाद नहीं है। इससे संबंधित मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार सौदे की व्यापक रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है। दोनों देशों ने इस साल की शुरुआत में एक-दूसरे के उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाया, जिसके बाद अमेरिका ने भारत से तरजीही व्यारपार का दर्ज वापस ले लिया था। हालांकि, इसके बाद से एक समझौते पर काम करने की कोशिश चल रही है। गोयल ने एक सम्मेलन में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर से जल्द मुलाकात करने की उम्मीद जताई है।
यूएई ने की भारतीय संस्कृति की तारीफ
भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अहमद अलबाना ने भारतीय संस्कृति की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह भारत में व्यापक सहिष्णुता और स्वीकार्यता है। साथ ही दोनों देशों की समान खूबियां हैं। यूएई वर्ष 2019 को ‘सहिष्णुता वर्ष’ के तौर पर मना रहा है। उन्होंने कहा कि यूएई और भारत के बीच द्विपक्षीय कारोबार बढ़कर 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं अमेरिका व चीन के बाद यूएई, भारत के लिए तीसरा बड़ा व्यापारिक भागीदार है।