कोविड महामारी ने हम सभी को काफी प्रभावित किया है। इसलिए बेहतर व सुरक्षित भविष्य के लिए आज सही निवेश करना काफी महत्वपूर्ण है। नया साल आने वाला है, ऐसे में यह बिलकुल सही समय है कि हम यह देखें कि आने वाले साल के लिए हमें किस तरह तैयारी करनी है। आप निवेश के लिए सही कदम उठा सकें, इसके लिए 'अमर उजाला' ने एक वेबिनार 'धन की बात' का आयोजन किया। इसमें कंसल्टेंट और फाइनेंस प्लानर वरुण मल्होत्रा व हेड इक्विटी और बजाज अलियांज की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रेशमा बंदा ने बताया कि नए साल में निवेश के लिए किन चीजों पर हमें फोकस रखना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए।
निवेश करने से पहले समझें बाजार की स्थिति
वरुण मल्होत्रा ने कहा कि पहले तो सभी निवेशक यह समझें कि हम मार्केट का अनुमान नहीं लगा सकते। समय की जगह निवेशकों को यह देखना चाहिए कि मार्केट महंंगा है या सस्ता। यह जानने के लिए सबसे बेहतर तरीका मार्केट कैप बाइ जीडीपी है। यहसमझना होगा कि जैसे-जैसे जीडीपी बढ़ती है मार्केट कैप बढ़ता है। मार्केट ऊपर-नीचे होता रहता है, इस बारे में कुछ भी तय नहीं कहा जा सकता है कि कल मार्केट की स्थिति क्या होगी। इसलिए हमें अंतिम बिंदु पर फोकस करना चाहिए न कि इस बीच के समय पर।
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अच्छा निवेश करना है तो जीडीपी का रुख समझें
वरुण मल्होत्रा ने कहा कि जब हम कहते हैं कि कोविड के पहले जीडीपी गिर रही थी तो यह कहना ठीक नहीं है। हम कह सकते हैं कि जीडीपी की ग्रोथ रेट गिर रही थी। जब लॉकडाउन होगा तो सेल नहीं होगी। ऐसे में लाभ घट जाएगा। निवेशक कभी यह नहीं सोचता कि क्या हो गया, वह यह सोचता है कि एक कंपनी पांच करोड़ की कीमत की है और साल का पांच लाख कमाती है। अब लॉकडाउन से ये पांच लाख अगर एक लाख हो गया और शेयर प्राइस एक करोड़ से 50 लाख हो गया तो निवेशक यह नहीं सोच रहा है कि अगले साल वापस कमाई पांच लाख हो जाएगी।
वर्तमान स्थितियों से डरें नहीं, सीधे निवेश करें
रेशमा बंदा ने कहा कि महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था में कई बदलाव आए हैं। अभी बाजार सही स्थिति में हैं जो निवेश करना चाहते हैं वह अभी सीधे निवेश कर सकते हैं। इसका लाभ उन्हें तुरंत तो नहीं लेकिन जब स्थिति सामान्य हो जाएगी, वित्त वर्ष 2022 या 2023 तक दिखने लगेगा। अभी कुछ क्षेत्रों पर लॉकडाउन का असर पड़ा है और कुछ पर नहीं। जो असर पड़ा भी है वह आय पर पड़ा है। तो जब स्थितियां सामान्य होंगी तो जिनकी आय कम हुई है वह भी ठीक स्थिति में आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभी देखा जाए तो लॉकडाउन के दौरान आईटी सेक्टर पर कोई असर नहीं पड़ा है। वैक्सीन आने के बाद स्थिति में और सुधार आएगा।
कोविड के बावजूद मार्केट बढ़ कैसे रहा है
वरुण मल्होत्रा ने कहा कि बेहतर निवेशक बनने के लिए सबसे जरूरी यह समझना है कि कुछ भी हो अगली पीढ़ी बेहतर जीवन जिएगी। इसका मतलब ये पीढ़ी ज्यादा खर्च करेगी, ज्यादा उपभोग करेगी। मतलब कितनी भी समस्या आए वस्तुओं और सेवाओं का उपभोग कम नहीं होगा।
निवेश व बाजार को समझने के लिए अपनाएं ये फंडा
वरुण मल्होत्रा ने कहा कि जब सब बोलें कि स्टॉक मार्केट से अच्छा कुछ नहीं है तो निवेश करने से बचें और जब सब मना करें तो निवेश करने के लिए आगे आएं। पहली स्थिति प्रीमियम की है और दूसरी डिस्काउंट की। हम इस समय बीच की स्थिति में हैं। अगर कोई बहुत बड़ा आईपीओ आ जाए और लोग खूब निवेश करें तो ऐसे में उलटा जाना चाहिए। जब ग्रेविटी नीचे जाती है तो चीजें ऊपर जाती हैं और जब ग्रेविटी ऊपर जाती है तो चीजें नीचे जाती हैं। इसका मतलब यह है कि जब स्टॉक मार्केट में ब्याज दर नीचे जाती है तो मार्केट ऊपर जाता है और ब्याज दर के ऊपर जाने पर मार्केट की कीमत कम हो जाती है।
20 साल की उम्र का निवेशक ऐसे करे प्लानिंग
वरुण मल्होत्रा के अनुसार स्टॉक मार्केट में बहुत उतार-चढ़ाव रहता है। अब इक्विटी में निवेश के लिए अर्थव्यवस्था में निवेश करना बेहतर विकल्प है। अर्थव्यवस्था में निवेश करने के लिए सेंसेक्स और निफ्टी को देखें। अगर महीने के महीने आप निफ्टी में निवेश करें तो बिना कुछ किए अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। ये कभी जीरो पर नहीं जा सकते। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव होता है। अगर 20 साल का लड़का, जो समझता है कि 60 साल में रिटायर होना है। इस दौरान उसे कमाना है और बचाना है तो अगर वह 50 हजार रुपये बचा ले और कुछ न समझ आने पर निफ्टी में निवेश कर दे। अगर वह 50 हजार रुपये का एक बार भी निवेश करता है तो 40 साल में रिटायर होने तक केवल रिटर्न के सहारे उसके ये 50 हजार 1.8 करोड़ रुपये के ऊपर बन सकते हैं।
इंडेक्स फंड क्या है, निवेश के लिए क्या करें
निफ्टी इंडेक्स फंड ऐसा फंड होता है जिसमें फंड मैनेजर पैसिव होता है। उसे अपना दिमाग नहीं लगाना है। इसके चलते इसके चार्ज बहुत कम रहते हैं। सस्ते इंडेक्स फंड का एक्सपेंस रेशियो बहुत कम यानी 0.1 होता है। सामान्य म्यूचुअल फंड का चार्ज दो प्रतिशत होता है। ऐसे में इंडेक्स फंड में पैसा लगाकर साल का 1.9 फीसदी बचा सकते हैं और लंबे समय के लिए इस पर कंपाउंड रेट का रिटर्न बहुत ज्यादा बन जाएगा। जो निफ्टी इंडेक्स फंड आते हैं, उसके आगे लिखा होना चाहिए डायरेक्ट यानी कोई एजेंट नहीं और ग्रोथ यानी जो भी डिविडेंट आएगा वह भी इन्वेस्ट हो जाएगा। बहुत-सी कंपनियां ये फंड देती हैं इन्हें एएमसी बोलते हैं। आप किसी भी एएमसी में जाकर कह सकते हैं कि मुझे निफ्टी इंडेक्स फंड में एसआईपी चाहिए। इसमें क्या होगा कि उतार-चढ़ाव भी आराम से बर्दाश्त कर लेंगे। मार्केट गिरने पर भी कोई असर नहीं होगा।