फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिस्त्री ने लगाया आरोप, कहा- अहम में टाटा ने कोरस को दोगुनी कीमत पर खरीदा  

Wed, 23 Nov 2016 04:27 AM IST
एजेंसी
विज्ञापन
फाइल फोटोः साइरस मिस्त्री - फोटो : Getty images
विज्ञापन
क्या रतन टाटा, टाटा समूह की सबसे ज्यादा कमाऊ कंपनियों में से एक टीसीएस को आईबीएम को बेचना चाहते थे? टाटा सन्स के बर्खास्त चेयरमैन साइरस मिस्त्री की चिट्ठी से तो यही जाहिर होता है। मिस्त्री ने रतन टाटा कैंप की ओर से लगातार हो रहे हमलों के जवाब में पांच पेज की चिट्ठी जारी करते हुए कहा है कि उनके ऊपर लगाया यह आरोप बिल्कुल गलत है कि वह टीसीएस और जगुआर लैंड रोवर में कुछ भी योगदान नहीं कर रहे थे। 
विज्ञापन


मिस्त्री ने पलटवार कहते हुए कहा कि मेरे ऊपर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि सचाई यह है कि एक वक्त रतन टाटा टीसीएस को आईबीएम को बेचने पर उतारू थे। इतना ही नहीं इस तरह के फैसले के लिए तैयार रतन टाटा के अहम में उनसे कोरस जैसा महंगा अधिग्रहण भी करवाया। इस अहम की वजह से कोरस को टाटा समूह ने उसकी असली कीमत से दोगुनी कीमत पर खरीदा।

साइरस मिस्त्री के दफ्तर से जारी चिट्ठी में कहा गया है, ‘मेरे बारे में तथ्यों को दुरुस्त कर लिया जाए तो अच्छा है। लोगों के बीच ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि मिस्त्री कठपुतली चेयरमैन थे और उनके नेतृत्व के दौरान टीसीएस और जेएलआर को कोई और चला रहा था।’ 
विज्ञापन


चिट्ठी में आगे कहा गया है, ‘एक वक्त अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने समूह की सबसे अहम कंपनी टीसीएस को आईबीएम को बेचने का मन बना लिया था।’ मिस्त्री ने इस मामले पर किसी खास समय का जिक्र तो नहीं किया है लेकिन कहा है कि उस दौरान टीसीएस के चीफ एफसी कोहली की बीमारी ने जेआरडी टाटा को इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से रोक दिया था। रतन टाटा आईबीएम की संयुक्त हिस्सेदारी वाली टीसीएस का नेतृत्व कर रहे थे। चीफ कोहली अस्पताल में भर्ती थे।

 
विज्ञापन

'रतन टाटा ने तो लगभग कंपनी की हत्या कर डाली'

सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के दिग्गज माने जाने वाले कोहली ने सुनते ही इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। कोहली का कहना था कि टीसीएस का भविष्य बेहद उज्जवल है लिहाजा इसे किसी भी कीमत पर न बेचा जाए। जेआरडी ने कोहली की बीमारी और अपने बिजनेस अनुभव के मद्देनजर इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया। चिट्ठी में कहा गया है कि रतन टाटा ने तो लगभग कंपनी की हत्या ही कर डाली थी।

चिट्ठी में रतन टाटा पर कोरस के अधिग्रहण और टेलीकॉम में जीएसएम तकनीक की बजाय सीडीएमए तकनीक को चुनने जैसे गलत फैसले करने का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि रतन टाटा के घमंड की वजह से  ही ब्रिटिश स्टील निर्माता कंपनी कोरस को दोगुनी कीमत पर खरीदा गया। 12 अरब डॉलर में इस कंपनी को खरीदने का कई बोर्ड मेंबरों और एक्जीक्यूटिव्स ने विरोध किया था। इसकी वजह से कंपनी में ज्यादा निवेश नहीं हो पाया और हजारों बेरोजगार हो गए। इसी तरह उन्होंने सस्ती और लोकप्रिय जीएसएम की उलट सीडीएम तकनीक अपनाई। इससे भी हजारों को लोगों की नौकरियों पर आंच आई।

मिस्त्री टाटा पावर और टाटा केमिकल से भी हटेंगे
टाटा सन्स, टाटा पावर और टाटा केमिकल्स से भी मिस्त्री की छुट्टी करने वाली है। दोनों कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से साइरस मिस्त्री को हटाने के लिए ईजीएम बुलाई गई है। नुस्ली वाडिया भी टाटा केमिकल्स में डायरेक्टर हैं। उन्हें भी हटाया जाना है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें