देश में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य को लेकर चल रही बहस के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इस पर नियंत्रण के लिए कुछ छूट के साथ कानून बना सकती है। ब्लूमबर्ग ने मामले से जुड़े अधिकारियों के हवाले से कहा है कि छोटे निवेशकों के हितों को देखते हुए क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने की सीमा तय की जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, क्रिप्टो को संपत्ति का दर्जा देने के साथ कुछ निवेशकों को ट्रेडिंग की इजाजत मिल सकती है। इसके लिए निवेश की राशि भी निर्धारित की जाएगी। संपत्ति का दर्जा मिलने के बावजूद क्रिप्टो का इस्तेमाल लीगल टेंडर में नहीं होगा।
इसके जरिये न तो संपत्ति खरीदी या बेची जा सकेगी और न ही बैंकों से लोन पाने में इसे कोलैटरल की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। सूत्रों का कहना है कि क्रिप्टो के खिलाफ कोई भी सख्त कदम उठाने से पहले सरकार निवेशकों को बाहर निकलने का समय देगी। भारतीय निवेशकों ने क्रिप्टोकरेंसी में करीब 40 हजार करोड़ रुपये लगाए हैं।
एक-दो क्रिप्टोकरेंसी ही बचेंगी : राजन
रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि अभी इस्तेमाल की जा रही हजारों क्रिप्टो में से मुट्ठी भर ही अस्तित्व में रहेंगी। निवेशक दो वजहों से क्रिप्टोकरेंसी खरीद रहे हैं-एक इसे संपत्ति की तरह जुटाना चाहते हैं और दूसरा इससे भुगतान करना चाहते हैं।
ऐसे में क्या हमें भुगतान के लिए 6,000 क्रिप्टोकरेंसी की जरूरत होगी। हमें लगता है कि एक-दो क्रिप्टोकरेंसी को संभालना ही बेहतर रहेगा। वह भी जब तकनीक सरल और व्यापक हो जाए। हमें आशंका है कि क्रिप्टोकरेंसी का हाल भी अनियंत्रित चिटफंड की तरह न हो, जहां निवेशकों का पैसा डूब गया।
प्रतिबंध की खबरों से 25 फीसदी तक गिरावट
क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध की खबरों से बुधवार को एक्सचेंज पर भगदड़ मच गई व निवेशक बिकवाली करने लगे। डॉलर लिंक्ड क्रिप्टोकरेंसी टीथर 25% गिरकर 60 रुपये के भाव पर आ गई। एक निवेशक ने बताया कि कीमतों में गिरावट से पोर्टफोलियो 34 हजार से गिरकर 22 हजार पर आ गया।
मैं सभी क्रिप्टो बेच दूंगा, क्योंकि इसका भविष्य सुरक्षित नहीं है। क्वाइनस्विच कुबेर के संस्थापक आशीष सिंघल ने कहा, निवेशकों की सुरक्षा के लिए उद्योग जगत सरकार के साथ संपर्क में है। निवेशकों को धैर्य बनाए रखना होगा, जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता।