नवंबर 2021 के आंकड़ों पर गौर करें तो क्वाइनबेस ग्लोबल के संस्थापक ब्रायन आर्मस्ट्रॉन्ग की निजी संपत्ति 13.7 बिलियन डॉलर यानी करीब एक लाख करोड़ रुपये थी। इस दौरान क्रिप्टो मार्केट में लगातार गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते मार्च 2022 में उनकी कुल निजी संपत्ति आठ बिलियन डॉलर यानी 62 हजार करोड़ आंकी गई। ब्लूमबर्ग बिलिनियर इंडेक्स के मुताबिक, मई 2022 में उनकी संपत्ति महज दो बिलियन डॉलर यानी 15 हजार करोड़ रह गई। वहीं, उनकी कंपनी के शेयरों की बात करें तो कंपनी की शुरुआत के पहले दिन यानी अप्रैल 2021 के मुकाबले शेयरों की कीमत 84 फीसदी घट चुकी है। बुधवार (11 मई) को जब अमेरिकी शेयर बाजार बंद हुआ, तब कंपनी के शेयरों की कीमत महज 53.72 डॉलर रह गई थी। अनुमान जताया जा रहा है कि पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में कंपनी का ट्रेडिंग वॉल्यूम और यूजर्स भी काफी ज्यादा घट सकते हैं। हालांकि, ब्रायन आर्मस्ट्रॉन्ग ने कंपनी की घटती मार्केट वैल्यू के पीछे क्रिप्टोकरेंसी में आ रही गिरावट को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही, कहा कि कंपनी के सामने बैंक करप्ट होने का कोई खतरा नहीं है।
क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट से घटी लोगों की संपत्ति
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क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में आए भूचाल का नुकसान क्रिप्टो मर्चेंट बैंक गैलेक्सी डिजिटल के सीईओ माइकल नोवोग्रैत्ज को भी उठाना पड़ा। नवंबर 2021 के दौरान उनकी निजी संपत्ति 8.5 बिलियन डॉलर करीब 65 हजार करोड़ थी, जो अब महज 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 19 हजार करोड़ रुपये रह गई। दरअसल, माइकल को टेरा यूएसडी क्रिप्टोकरेंसी का चैंपियन माना जाता है, लेकिन एल्गोरिदम स्टेबलक्वाइन की वजह से यह क्रिप्टो क्वाइन बुरी तरह धराशायी हो चुका है। ब्रायन और माइकल से ज्यादा नुकसान बिनांस के सीईओ चैंगपेंग झाओ को उठाना पड़ा है। ब्लूमबर्ग वेल्थ इंडेक्स के मुताबिक, जनवरी 2022 में उनकी नेटवर्थ 96 बिलियन डॉलर यानी करीब सात लाख करोड़ रुपये थी, जो अब घटकर महज 11.6 बिलियन डॉलर यानी 89 हजार करोड़ रुपये रह गई है।
क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में लगातार हो रही भारी गिरावट की असल वजह स्टेबलक्वाइन है। दरअसल, इस वक्त स्टेबलक्वाइन में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका सबसे खराब असर टेरा क्वाइन पर पड़ा है और इस क्रिप्टोकरेंसी के दाम में 99 फीसदी से भी ज्यादा गिरावट आ चुकी है। जानकार बताते हैं कि स्टेबलक्वाइन को टेरायूएसडी के रूप में जाना जाता है, जिसकी कीमत लगातार घट रही है। उनका कहना है कि टेरायूएसडी काफी तेजी से बढ़ रहा था, जिसके चलते इसमें काफी ज्यादा जोखिम भी था। क्रिप्टो एक्सचेंज यूनोकॉन के सीईओ और को-फाउंडर सात्विक विश्वनाथ ने बताया कि इस वक्त दुनियाभर के इक्विटी और कमोडिटी बाजारों में भारी गिरावट आ रही है, जिसका असर क्रिप्टो मार्केट पर भी पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह गिरावट कुछ ही समय के लिए है। जल्द ही, बाजार इससे उबर जाएगा।
12 मई को टेरा लूना में सबसे ज्यादा गिरावट
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क्रिप्टो मार्केट से जुड़े जानकारों का कहना है कि स्टेबलक्वाइन की वजह से आई गिरावट जल्द ही खत्म हो सकती है, क्योंकि टेरा क्रिप्टोकरेंसी की फाउंडर कंपनी डू क्वोन (Do Kwon) ने इस संकट से जल्द बाहर निकलने का दावा किया है। साथ ही, बताया है कि उन्होंने इससे निपटने के लिए योजना तैयार कर ली है। वहीं, क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी को अब तक नियमित नहीं किया गया है। ऐसे में यहां इस सेक्टर में निवेश करना जोखिम भरा फैसला साबित हो सकता है, क्योंकि जब तक भारत सरकार इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं करती है, तब तक डांवाडोल की स्थिति बनी रहेगी। अगर आप भारत के अलावा किसी दूसरे देश के निवासी हैं तो यह वक्त निवेश के लिए काफी अच्छा साबित हो सकता है। माना जा रहा है कि बाजार में जितनी गिरावट आनी थी, अब आ चुकी है। उम्मीद है कि क्रिप्टो मार्केट जल्द ही रिकवर कर जाएगी।