बैंक या वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने के लिए क्रेडिट स्कोर का बेहतर होना बहुत जरूरी है। बैंक अपना पैसा डूबने से बचाने के लिए उन्हीं ग्राहकों का कर्ज मंजूर करते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर अच्छा हो। अमूमन माना जाता है कर्ज डिफॉल्ट करने से ही क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है, जबकि इसके और भी कारण हैं।
बाजार जानकारों का कहना है कि पर्सनल लोन या अन्य किसी अन्य असुरक्षित कर्ज का समय से पहले भुगतान करने से भी क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है। हालांकि इसका असर तत्काल तो नहीं दिखता लेकिन लंबे समय में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
लिहाजा आपका क्रेडिट स्कोर पहले से ही काफी अच्छा है तो यह विकल्प चुना जा सकता है। लेकिन स्कोर कम है और आप उसे सुधारने की कोशिश में लगे हैं तो कर्ज का समय से पहले भुगतान करने से बचना चाहिए। ऐसे में क्रेडिट स्कोर ऊंचा रखने को ग्राहकों को कई अन्य बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।
अधिक संख्या में क्रेडिट कार्ड
वित्तीय जानकारों का कहना है अगर ग्राहक के पास दो से ज्यादा क्रेडिट कार्ड है तो उसका क्रेडिट स्कोर निश्चित तौर पर प्रभावित होगा। मसलन, किसी का वेतन 50 हजार रुपये महीना है और उसने चार क्रेडिट कार्ड ले रखे हैं तो यह सिबिल या क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर डालेगा।
उदाहरण के तौर पर, 50 हजार के वेतन वाले व्यक्ति के पास चार क्रेडिट कार्ड की कुल सीमा 4 लाख रुपये है और ज्यादातर कार्ड से पैसे खर्च करता है। ऐसे में सवाल उठता है वह इनका भुगतान कैसे करेगा। इससे अच्छा है आप दो ज्यादा क्रेडिट कार्ड अपने पास न रखें।
अक्सर देखा जाता है, ग्राहक अच्छी डील पाने की तलाश में एक ही लोन के लिए कई बैंकों में आवेदन करता है। उन्हें लगता है कई बैंकों से मोलभाव के बाद जहां सबसे कम ब्याज होगा वहीं से लोन के लिए आवेदन किया जाएगा।
सामान्य तौर पर यह बात ठीक लगती है, लेकिन क्रेडिट स्कोर के लिहाज से इस तरह का रवैया नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल एक से अधिक बैंकों में कर्ज के लिए आवेदन देने से सिबिल एजेंसी के पास बार- बार आपके क्रेडिट स्कोर की इंक्वायरी जाती है और आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। साथ ही बैंक से अच्छी डील पाने का अवसर भी समाप्त हो जाता है।