घरों में दीवारों को रंगीन व सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के पेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। कम ही लोग जानते होंगे कि इन पेंट में भी कई ऐसे खतरनाक रसायन होते हैं जिनसे न सिर्फ पर्यावरण को क्षति पहुंचती है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी ये खतरनाक हो सकते हैं।
पेंट में इस्तेमाल होने वाला ऐसा ही तत्व है लेड। अब हर पेंट निर्माता और आयात करने वाले के लिए जरूरी होगा कि वह लेड जांच और उसकी मात्रा का अनुपात लेबल के जरिये पेंट के डिब्बे पर विस्तृत तौर से दे। इस संबंध में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने प्रारूप तैयार किया है। इस पर अंतिम मुहर के लिए लोगों से सुझाव भी मांगे गए हैं।
17 अप्रैल तक मांगे सुझाव
सीपीसीबी ने प्रारूप जारी कर लोगों से 17 अप्रैल तक टिप्पणी और सुझाव मांगे हैं। सीपीसीबी ने कहा कि हर पेंट निर्माता और आयातक के लिए यह जरूरी होगा कि बिक्री वाले पेंट नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन (एनएबीएल) से सत्यापित हो।
नियमों के बनने से पहले निर्माण किए गए और आयात किए जाने वाले पेंट की बिक्री की जा सकेगी। अंतिम नियमों के बाद हर पेंट निर्माता को लेड संबंधी जानकारी अनिवार्य तौर पर देनी होगी।