कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) जन्म तिथि के तौर पर आधार कार्ड को ऑनलाइन स्वीकार करेगा ताकि खाते के केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके।
श्रम मंत्रालय ने रविवार को कहा, कोविड-19 महामारी को देखते हुए ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच व उपलब्धता बढ़ाने के लिए ईपीएफओ ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को संशोधित निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत पीएफ खाताधारक ईपीएफओ रिकॉर्ड में अपनी जन्म तिथि आसानी से सुधार सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) केवाईसी का अनुपालन करता है।
आधार कार्ड में अंकित जन्म तिथि को अब वैध साक्ष्य माना जाएगा, लेकिन इसमें शर्त है कि तारीखों में अंतर तीन साल से कम हो। इसके लिए खाताधारक ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं। इससे ईपीएफओ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के साथ तत्काल ऑनलाइन जन्म तिथि का सत्यापन कर सकेगा।
मंत्रालय ने कहा, इससे महामारी व लॉकडाउन के कारण भविष्य निधि के सदस्यों को अपने खाते से पैसा निकालने को लेकर ऑनलाइन आवेदन में कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।