लॉकडाउन के कारण विमानन और होटल उद्योग सहित कई क्षेत्रों की पूर्व में कराई बुकिंग निरस्त हो रही है। सीबीआईसी ने ऐसे मामलों में उद्योगों को जीएसटी रिफंड क्लेम करने की छूट दी है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी कर बताया कि जिन मामलों में इनवॉइस जनरेट किया जा चुका है लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया।
करदाता उसका जीएसटी रिफंड ले सकते हैं। सीबीआईसी ने कहा, ऐसे मामले जिनमें आपूर्तिकर्ता अग्रिम भुगतान लेकर इनवॉइस निकाल चुका हो लेकिन उसकी सेवा निरस्त कर दी जाती है। इसमें कोई आउटपुट बकाया नहीं रहता है, तो पंजीकृत व्यक्ति अतिरिक्त टैक्स भुगतान का दावा कर सकता है।
यही नियम उत्पादों के मामले में भी लागू होंगे। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने बताया कि कर विभाग के इस स्पष्टीकरण से मौजूदा संकट में उद्योगों को काफी राहत मिलेगी। सीबीआईसी ने निर्यातकों को भी 2020-21 के लिए 30 जून तक लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने की छूट दी है।
आयातकों के लिए ई-पास
सीबीआईसी ने आयात क्लीयरेंस प्रक्रिया को तेज करने के लिए ई-पास की सुविधा शुरू की है। राजस्व विभाग ने प्रक्रिया को पेपरलेस और कम मानव श्रम की जरूरत के लिए तैयार किया है। नई व्यवस्था बुधवार से शुरू हो जाएगी। इसके तहत उत्पादों के इंट्री बिल और इलेक्ट्रॉनिक ऑउट ऑफ चार्ज भी जारी किए जा सकेंगे।