बंद हो चुकी जेट एयरवेज के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू होगी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने एसबीआई के अगुवाई वाले बैंकों की याचिका को स्वीकार कर लिया है। इससे पहले दिन में जेट एयरवेज का शेयर बीएसई में 133 फीसदी तक चढ़ गया था।
एनसीएलटी ने नीदरलैंड की कंपनी की याचिका को अस्वीकार कर दिया है। तीन महीने में पूरा प्रोसेस करने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी।
बीएसई में 133 फीसदी, निफ्टी में 122 फीसदी
निफ्टी में जेट के शेयर में 122.21 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। 40.45 अंकों की बढ़त के बाद जेट का शेयर 73.55 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले बुधवार को जेट का शेयर 33.10 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं बीएसई में इसका शेयर 93.35 फीसदी बढ़कर 64 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग पर 28 जून से रोक लगने वाली है। निवेशकों को उम्मीद है कि एनसीएलटी में जेट एयरवेज को कुछ राहत मिल सकती है।
हाल ही में एसबीआई की अगुवाई वाले कर्जदाता बैंकों के समूह के अलावा कंपनी के पायलट और इंजीनियरों के यूनियन ने एनसीएलटी से पक्षकार बनाने की मांग की थी। इस पर आज सुनवाई शुरू होगी, जिसकी वजह से जेट के शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली। उम्मीद है कि एनसीएलटी में सुनवाई के दौरान कंपनी को कुछ राहत मिल जाए।
1.21 करोड़ शेयरों में हुई खरीदारी
एक ही दिन में कंपनी के 1.21 करोड़ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। यह पिछले पांच हफ्ते में पांच गुना बढ़ोतरी है। दो हफ्ते पहले इसके 23.92 लाख शेयरों की खरीदारी हुई थीं। सुबह के वक्त शेयर 27 रुपये पर खुला था, लेकिन दूसरे सत्र में इसके शेयर काफी तेजी के साथ चढ़े।
फिलहाल 36 हजार करोड़ की देनदारी
जेट एयरवेज पर बैंक, वेंडर और कर्मचारियों का करीब 36 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। इसमें बैंकों का 8500 करोड़, तीन हजार करोड़ रुपये कर्मचारियों पर और 10 हजार करोड़ वेंडरों पर शामिल हैं। अभी भी कंपनी वित्त वर्ष 2018-19 और मार्च तिमाही के नतीजे जारी करने हैं।