प्रवर्तन निदेशालय ने शराब कारोबारी विजय माल्या की 1620 करोड़ रुपये की और संपत्ति जब्त की है। धन शोधन प्रतिबंध कानून अदालत के आदेश पर ईडी ने माल्या और अन्य लोगों पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बताया कि ‘फ्रीज और गिरवी रखे शेयर’ को जब्त करने का यह आदेश अदालत ने बृहस्पतिवार को दिया था।
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में संलिप्त माल्या सहित सभी हितधारकों को इसकी प्रतियां जल्द मुहैया कराएगा। धन शोधन प्रतिबंध कानून अदालत के जज पी आर भावके ने बृहस्पतिवार को माल्या को घोषित अपराधी बताया था और प्रवर्तन निदेशालय को आदेश दिया था कि कोर्ट में दाखिल एजेंसी की याचिका में दर्ज सभी चल संपत्तियों को जब्त करे। जब्त चल संपत्तियों की कुल कीमत 1620 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत की गई है। इससे पहले दो जब्त संपत्तियों की कीमत 8041 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अदालत ने ईडी को आदेश दिया था कि माल्या की फ्रीज और गिरवी शेयरों को जब्त करे और इस संपत्ति को अगले आदेश तक आरोपी या किसी अन्य व्यक्ति को देने से रोके। हालांकि अदालत ने ईडी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने माल्या की विदेशी संपत्ति को जब्त करने की अनुमति मांगी थी। गौरतलब है कि एजेंसी ने पिछले महीने अदालत से निवेदन किया था कि विजय माल्या को ‘घोषित अपराधी’ करार दे और उसकी संपत्ति जब करने का आदेश दे। एजेंसी चाहती है कि माल्या व्यक्तिगत रूप से जांच में शामिल हो।