अपनी मनपंसद फिल्म और वीडियो यूट्यूब पर देखना आजकल आम बात है। अपने फेवरेट सीरियल छूट जाने की चिंता भी यूट्यूब पर छोड़ देना में कुछ नया नहीं है। क्योंकि आपसे कुछ भी छूट जाए, लेकिन आप बाद में उसे यूट्यूब पर देख सकते हैं।
यूट्यूब आज के समय में बहुत ही फेमस वीडियो साइट है, जिसका इस्तेमाल भी खूब किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इन सबमें एक भारतीय ने भी अहम भूमिका निभाई है। इस भारतीय का नाम है वेंकट पंचपकेसन।
यू ट्यूब के इंजीनियरिंग के प्रमुख वेंकट पंचपकेसन की सोमवार को मौत हो गई है। वह करीब महीने भर तक कैंसर की बीमारी से जूझते रहे और सिलिकॉन वैली में उनकी मौत हो गई।
वेंकट ने यूट्यूब के अलावा याहू में भी अपनी सेवाएं दी हैं। आपको बता दें कि वेंटक की उम्र सिर्फ 49 साल थी। उनकी पत्नी का नाम सैंडी है और उनके दो बच्चे हैं।
वेंकी कहकर बुलाते थे चाहने वाले
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, कोयंबटूर के रहने वाले वेंकट को लोग वेंकी कहकर बुलाते थे। इन्होंने कोयंबटूर इंट्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) से इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) किया है।
इसके बाद 1990 में वह कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए अमेरिका चले गए। वहां पर इन्होंने बफेलो स्थित स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क (एसयूएनवाई) से डिग्री हासिल की।
कुछ समय तक एचपी और एक अन्य ऑर्गेनाइजेशन में काम करने के बाद उन्होंने 1998 में याहू में काम करना शुरू किया। आपको बता दें कि वेंकट याहू के शुरुआती 200 कर्मचारियों में से एक थे।
यूं मिलता रहा प्रमोशन
वहां पर वेंकट ने इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट की तरह काम करते हुए याहू के लोकप्रिय प्रोडक्ट जैसे वॉलेट, क्लासिफाइड और मैप्स (नक्शे) पर काम किया।
2003 में वेंकट को याहू इंडिया रिसर्च एंड डेवलपमेंट का ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट और सीईओ बना दिया गया। इसके बाद उन्हें याहू इंडिया को आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु भेज दिया गया।
2007 में वेंकट को याहू के सभी कंज्यूमर प्रोडक्ट का प्रमुख बना दिया गया। इसके तहत उन्होंने मेल, न्यूज और फ्लिकर पर काम करना शुरू किया था।
2010 में पहुंचे गूगल
2010 में वेंकट ने गूगल में इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट का पद संभाला। कैंसर का पता लगने से पहले पिछले साल जून में गूगल ने वेंकट को यूट्यूब का इंजीनियरिंग हेड बना दिया था, जिन्हें सीधे सीईओ सुसान वोक्किकी (Susan Wojcicki) को रिपोर्ट देनी होती थी।
वेंकट के चचेरे भाई भारती एयरटेल के सीनियर एक्जिक्युटिव आनंद चंद्रशेखरन ने बताया कि वेंकट ए आर रहमान को बहुत अधिक पसंद करते थे और उनके गाने खुद भी सुनते थे और दूसरों को भी सुनाते थे।