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सहारा प्रमुख को SC ने दिया दो हफ्ते का समय

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आज गुरुवार को सहारा प्रमुख सुब्रत राय के मुकदमे की सुनवाई हुई। इस सुनवाई के आधार पर यह कहा जा सकता है कि अभी सुब्रत राय को जेल में ही रहना होगा।
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गुरुवार को सहारा प्रमुख सुब्रत राय के मुकदमे की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को दो हफ्ते का समय देते हुए पूछा है कि वह निवेशकों के पैसे कैसे चुकाएंगे।

शुक्रवार 9 मई को हुई सुनवाई में सहारा ने कोर्ट से कहा था कि बुधवार तक सुब्रत राय की जमानत के लिए बैंक गांरटी का इंतजाम कर लिया जाएगा, जिसके बाद 14 मई गुरुवार को सुब्रत रॉय के फैसले पर सुनवाई हुई है।
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क्या था मामला

सहारा प्रमुख सुब्रत राय निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपए न चुकाने के मामले में 4 मार्च 2014 से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनके साथ दो अन्य डायरेक्टर रविशंकर दुबे और अशोक राय चौधरी भी जेल में ही बंद हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख की जमानत के लिए 10 हजार करोड़ रुपए सेबी का पास जमा करने को कहा है। इसमें से 5 हजार करोड़ रुपए नकद और 5 हजार करोड़ रुपए बैंक गारंटी के तौर पर देनी है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2015 में ही सहारा समूह को आखिरी बार पैसों का इंतजाम करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर इस समय में भी पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया तो सहारा की संपत्तियों की नीलामी शुरू कर दी जाएगी।
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ऐसे हुए थे गिरफ्तार

पहली बार 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए कहा था, लेकिन सहारा ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अदालत में पेश होने को कहा तो मां की तबीयत खराब होने का हवाला देकर वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए।

इसके बाद भी वह कोर्ट के आदेश का पालन न करते हुए कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस रवैये पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ाई बरती और सुब्रत राय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। इसके बाद लखनऊ पुलिस ने सहारा प्रमुख को गिरफ्तार किया और सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया।
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