दूरसंचार उपकरण बनाने वाली वैश्विक कंपनी यूटीस्टारकॉम ने बुधवार को कहा कि वह भारत में विनिर्माण इकाई व शोध विकास केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके लिए पहले सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को उसका बकाया चुकाना होगा। हांगकांग स्थित यह कंपनी बीएसएनएल और टाटा टेलीसर्विसेज को ब्रॉडबैंड सेवा देने वाले उपकरण मुहैया कराती है।
बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जाएगी।
एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनियों में भीषण नकदी संकट चल रहा है। दोनों ही कंपनियों का सबसे ज्यादा खर्च वेतन पर ही होता है। बीएसएनएल में जहां कुल आय का 75.06 फीसदी हिस्सा वेतन पर लगाना पड़ता है, वहीं एमटीएनएल में यह आंकड़ा 87.15 फीसदी है। इसके मुकाबले, निजी कंपनियों में देखें तो यह आंकड़ा महज 2.9 से फीसदी होता है।