टाटा स्टील कंपनी के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने केंद्र सरकार को कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस यानी कारोबार करने की लागत पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि सरकार को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी कारोबार सुगमता के साथ-साथ कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
कोई भी कंपनी ला सकती है उत्पादन लागत में कमी
उनका कहना है कि टाटा स्टील सहित कोई भी कंपनी उत्पादन लागत में कमी ला सकती है लेकिन कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस सहित बाहरी तत्व उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं होते हैं।
कंपनी को भविष्य के लिए तैयार रहने की जरूरत
नए साल के मौके पर बुधवार को नरेंद्रन ने टाटा स्टील के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। इस दौरान नरेंद्रन ने सरकार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि कंपनी व कर्मचारियों को भविष्य के लिए तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित किया और कहा कि कंपनी का स्लोगन है कि हम कल भी बनाते हैं। इससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
इन विषयों पर कंपनी देगी ध्यान
उन्होंने कहा कि शेयरधारकों को शिकायत रहती है कि करोड़ों की कंपनी की शेयर वैल्यू काफी कम है। इसलिए कंपनी को इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है। आगे नरेंद्रन ने भविष्य की जरूरत के आधार पर कंपनी को तैयार रखने, बदलाव की ओर बढ़ने और नई टेक्नोलॉजी को आत्मसात करने का मंत्र दिया।
बता दें कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में चार क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है- नया बिजनेस शुरू करना, दिवालियेपन का समाधान करना, सीमा पार व्यापार और कंस्ट्रक्शन परमिट्स।