देश की ज्यादातर कंपनियों में कर्मचारियों को हफ्ते में 5 दिन काम और दो दिन की छुट्टी मिलती है और फिलहाल किसी भी अच्छी और बड़ी कंपनी में काम करने का महत्वपूर्ण पहलू बन चुका है। लेकिन क्या आपको पता है कि विश्व में कई ऐसी कंपनियां भी मौजूद हैं, जो अपने कर्मचारियों से हफ्ते में केवल 4 दिन काम कराती हैं और तीन दिन की छुट्टी देती हैं।
कर्मचारियों की कार्य क्षमता में हुई वृद्धि
हालांकि जिन कंपनियों ने इस नियम को अपने यहां पर लागू किया है, वहां पर कर्मचारियों की कार्य उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। बर्लिन स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी प्लानियो और न्यूजीलैंड में मौजूद ट्रस्ट प्रपेचुअल गार्डियन ने अपने यहां साप्ताहिक काम के घंटे 40 से घटा करके 32 कर दिए हैं।
केवल हो रहा है सोमवार से गुरुवार काम
इन कंपनियों में केवल सोमवार से गुरुवार काम होता है। यहां कर्मचारी भी चाहते हैं अगर उन्हें शुक्रवार की छुट्टी चाहिए तो बिना किसी बाहरी व आंतरिक रुकावट के वो चार दिन में ही अपना काम पूरा कर लेते हैं। ऐसे में उनको काफी वक्त अपने परिवार के साथ बिताने का मौका मिल जाता है। कर्मचारी
इन देशों में भी उठी मांग
काम के घंटे घटाने की मांग ब्रिटेन और जापान में भी की जा रही है। ब्रिटेन के ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने ऐसा करने के लिए सरकार से कहा है। उसकी इस मुहिम को विपक्षी लेबर पार्टी से भी समर्थन मिल रहा है। इसी तरह की मुहिम जापान में भी वहां की सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है। वहां पर लोगों को सोमवार की सुबह के वक्त छुट्टी देने के लिए कह रही है।
टेक्नोलॉजी की वजह से 24 घंटे काम
अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी में 3 हजार लोगों पर किए गए एक सर्वे के अनुसार कर्मचारियों का कहना है कि वो अपना पूरे दिन का काम 5 घंटे में पूरा कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई व्यवधान नहीं चाहिए। लेकिन ज्यादातर लोग एक हफ्ते में 40 घंटे से ज्यादा काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा हालत अमेरिका में खराब हैं। वहां 49 फीसदी कर्मचारी ओवरटाइम कर रहे हैं।