दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्मता कंपनी टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों का भारत में बेसब्री से इंतजार हो रहा है। इस साल की शुरुआत में कंपनी ने एलान किया था कि वह भारत आ रही है। लेकिन टेस्ला की कार की लॉन्चिंग का इंतजार उम्मीद से ज्यादा लंबा होता जा रहा है।
टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने दक्षिण भारत के मशहूर यूट्यूबर मदन गौरी के एक ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि उनकी कंपनी भारत में अपनी कारों को लॉन्च करना चाहती है लेकिन देश में इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क दुनिया में सबसे अधिक है।
मस्क ने एक ट्विटर पर मदन गौरी को जवाब देते हुए कहा कि भारत में क्लीन एनर्जी वाहनों को डीजल और पेट्रोल कारों की तरह माना जाता है,जो भारत के जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों के अनुरूप नहीं है। गौरी ने मस्क से जल्द टेस्ला की कारों को भारत में लॉन्च करने का अनुरोध किया था।
अमेरिका की दिग्गज कंपनी इसी साल भारत में अपनी कारें उतारना चाहती है। रॉयटर्स के अनुसार उसने कई मंत्रालयों ओर नीति आयोग को एसेम्बल्ड कारों पर आयात शुल्क घटाने का अनुरोध किया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि टेस्ला के पास भारत में अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में ई-वाहनों पर जोर दिया जा रहा है।
अभी इतना है आयात शुल्क
फिलहाल पूर्ण रूप से विनिर्मित इकाई के रूप में आयातित कार पर सीमा शुल्क 60 से 100 फीसदी के बीच है। यह इंजन के आकार और लागत, बीमा तथा माल ढुलाई मूल्य 40,000 डॉलर से कम या अधिक पर निर्भर करता है।