फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीनी कंपनियों से तोड़ा करार तो दूरसंचार कंपनियों के लिए होगी मुश्किल, बढ़ेगा भुगतान का बोझ

Tue, 23 Jun 2020 12:35 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दूरसंचार कंपनियां - फोटो : pixabay
विज्ञापन

सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद से देश भर में चीन विरोधी लहरों के बीच भारतीय दूरसंचार कंपनियां अगर चीनी कंपनियों से करार तोड़ती है तो उसके लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी। भारतीय दूरसंचार कंपनियों के हुवावे और जेडटीई जैसी चीनी कंपनियों से करार तोड़ने पर उन्हें 8,602 करोड़ का भुगतान करना पड़ेगा। 

विज्ञापन


कंपनियों को करना होगा इतना भुगतान
अगर वोडा-आइडिया, एयरटेल हुवावे व जेडटीई अपने मौजूदा अनुबंध को तोड़ती है तो उन्हें क्रमश: 65 करोड़ों डॉलर (4,929 करोड़ रुपये) और 30 करोड़ डॉलर (2,270 करोड़ों रुपये) चुकाने पड़ सकते हैं। बीएसएनल को भी जेडटीई को 1,300 करोड़ और हुवावे को 100 करोड़ भुगतान करना पड़ सकता है।

उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगर चीनी कंपनियों को भारत में कारोबार से रोका जाता है तो वह बकाया वसूली का प्रयास तेज कर देंगी। उनका यह कदम नकदी संकट से जूझ रही घरेलू दूरसंचार कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
विज्ञापन


30,000 कर्मचारियों को मई का वेतन देगी एयरटेल
एयरटेल अपनी खुदरा और वितरण कारोबार में भागीदार के तौर पर जुड़ी इकाइयों के 30,000 कर्मचारियों को मई का वेतन देगी। कोरोना संकट के दौर में मदद के लिए कंपनी ने सहयोग को पत्र लिखा है। कंपनी इससे पहले अप्रैल में भी वितरण और खुदरा फ्रेंचाइजी नेटवर्क के कर्मचारियों को वेतन दे चुकी है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें