टाटा समूह, जिसने 87 साल पहले एयर इंडिया की नींव रखी थी, वो फिर से इसको सरकार से खरीद सकती है। टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन में इस बारे में इशारा किया है। हालांकि नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने और बोली लगाने से पहले वो पहले सरकार के नियमों के बारे पूरी जानकारी लेंगे।
जेआरडी टाटा ने एयर इंडिया की 1932 में शुरुआत की थी। पिछले साल जब सरकार ने एयर इंडिया की 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगवाई थीं, तब भी टाटा समूह द्वारा इसको खरीदने की बात उठी थी। हालांकि तब समूह इसको खरीदने से पीछे हट गया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए इंटरव्यू में एन चंद्रशेखरन ने कहा मैं अपनी टीम से इसको देखने के लिए कहूंगा। हालांकि यह पूरी तरह से टाटा संस का निर्णय न होकर के विस्तारा का निर्णय होगा। समूह तीसरी एयरलाइन नहीं चलाएगा। गौरतलब है कि टाटा समूह विस्तारा और एयर एशिया का भारत में संचालन करती है। दोनों कंपनियों को संयुक्त तौर पर वित्त वर्ष 2019 में 1500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।