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फिर से निजी हाथों में चली जाएगी एयर इंडिया, बोली लगा सकता है टाटा समूह

Tue, 04 Feb 2020 01:55 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एयर इंडिया - फोटो : ANI
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संकट से जूझ रही विमानन कंपनी एयर इंडिया के लिए 17 मार्च तक बोलियां मंगाई गई हैं। टाटा समूह इसमें अपनी दावेदारी को लेकर अपनी योजना को अंतिम रूप देने के बेहद करीब है। सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मिलकर टाटा समूह एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की तैयारी कर रहा है। और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों मिलकर इस अधिग्रहण को स्वरूप देने के लिए काम शुरू कर चुके हैं।

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टाटा समूह की योजना में एयर एशिया इंडिया का मर्जर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी शामिल हैं। बता दें कि एयर एशिया इंडिया में टाटा समूह की हिस्सेदारी 51 फीसदी है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस एयर इंडिया की 100 फीसदी सब्सिडियरी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा समूह ने एयर इंडिया एक्सप्रेस को खरीदने की मंजूरी के लिए मलयेशिया के कारोबारी टोनी फर्नांडिस से भी संपर्क किया है। टोनी फर्नांडिस की एयर एशिया में 49 फीसदी हिस्सेदारी है। 
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शेयरधारक समझौते के अनुसार, अगर टोनी समझौते के लिए तैयार नहीं होते हैं, तो टाटा समूह किसी अन्य बजट एयरलाइंस में 10 फीसदी से ज्यादा निवेश नहीं कर सकता।

जेआरडी टाटा ने की थी शुरुआत

टाटा समूह, जिसने 88 साल पहले एयर इंडिया की नींव रखी थी। जेआरडी टाटा ने एयर इंडिया की 1932 में शुरुआत की थी। पिछले साल जब सरकार ने एयर इंडिया की 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगवाई थीं, तब भी टाटा समूह द्वारा इसको खरीदने की बात उठी थी। हालांकि तब समूह इसको खरीदने से पीछे हट गया था।

एयरलाइंस की स्थापना के बाद कराची से बंबई तक हवाई जहाज को उड़ाया गया था। 1946 में टाटा एयरलाइंस पब्लिक हो गई और इसका नाम बदलकर के एयर इंडिया कर दिया गया। 1953 में एयरलाइंस को सरकार ने खरीद लिया था। हालांकि जेआरडी टाटा 1978 तक इस एयरलाइंस से जुड़े रहे। 

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